Himachal News: भारत ने वर्ष 2026 के लिए ‘इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंस’ (International IDEA) की अध्यक्षता संभाल ली है। हिमाचल प्रदेश की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नंदिता गुप्ता ने इसे देश के लिए गर्व का विषय बताया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत की निष्पक्ष चुनाव प्रणाली और लोकतांत्रिक मूल्यों पर दुनिया के अटूट भरोसे का सबूत है। भारत की इस अध्यक्षता का नेतृत्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त कर रहे हैं। इस ऐतिहासिक मौके पर राजधानी दिल्ली में दुनिया भर के चुनाव विशेषज्ञों का जमावड़ा लगने वाला है।
भारत मंडपम में सजेगा अब तक का सबसे बड़ा मंच
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) इस उपलब्धि को खास बनाने के लिए एक भव्य आयोजन कर रहा है। नई दिल्ली के प्रतिष्ठित ‘भारत मंडपम’ में 21 से 23 जनवरी, 2026 तक एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन होगा। इसका नाम ‘इंडिया इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट’ (IICDEM 2026) रखा गया है। यह लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर अब तक का सबसे बड़ा वैश्विक सम्मेलन होगा। इसमें दुनिया भर के करीब 100 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल होंगे।
शांति और समावेशी दुनिया के लिए लोकतंत्र
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस सम्मेलन के लिए एक बहुत ही सशक्त एजेंडा तैयार किया है। इसका मुख्य विषय ‘समावेशी, शांतिपूर्ण, सुदृढ़ और सतत विश्व के लिए लोकतंत्र’ है। तीन दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण सत्र होंगे। इसमें ‘ईसीआई-नेट’ (ECINet) का शुभारंभ भी किया जाएगा। सम्मेलन में चुनाव से जुड़ी वैश्विक चुनौतियों और नई तकनीकों पर चर्चा होगी। भारत अपनी पारदर्शी चुनाव प्रक्रियाओं और तकनीकी नवाचारों को दुनिया के सामने रखेगा।
आईआईटी और आईआईएम के विशेषज्ञ भी होंगे शामिल
इस महासम्मेलन में सिर्फ चुनाव अधिकारी ही नहीं, बल्कि शिक्षा जगत के दिग्गज भी हिस्सा लेंगे। देश के 4 आईआईटी (IIT), 6 आईआईएम (IIM), 12 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी और आईआईएमसी (IIMC) जैसे प्रतिष्ठित संस्थान इसमें भागीदार बनेंगे। इसके अलावा, भारत निर्वाचन आयोग 40 से ज्यादा देशों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेगा। इसका मकसद देशों के बीच चुनावी सहयोग को और मजबूत करना है।
हिमाचल और जर्मनी मिलकर देंगे प्रस्तुति
इस वैश्विक मंच पर हिमाचल प्रदेश की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नंदिता गुप्ता जर्मनी (Federal Republic of Germany) के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर एक खास प्रस्तुति देंगी। उनका विषय ‘मतदाता की पहचान की सुगमता’ होगा। इसमें बताया जाएगा कि वोटर की पहचान प्रक्रिया को कैसे आसान और सटीक बनाया जा सकता है। नंदिता गुप्ता ने कहा कि यह सम्मेलन लोकतांत्रिक उत्कृष्टता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
