New Delhi News: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की मेजबानी में नई दिल्ली का भारत मंडपम एक ऐतिहासिक वैश्विक आयोजन का गवाह बनने जा रहा है। आगामी 21 से 23 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले ‘भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और निर्वाचन प्रबंधन सम्मेलन’ (IICDEM) में 70 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शिरकत करेंगे। यह सम्मेलन निर्वाचन प्रबंधन के क्षेत्र में भारत द्वारा आयोजित अब तक का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच होगा। यहाँ चुनावी प्रक्रियाओं में सुधार और आधुनिक नवाचारों पर दुनिया भर के दिग्गज मंथन करेंगे।
दिग्गज चुनावी विशेषज्ञों का होगा जमावड़ा
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार 21 जनवरी को इस भव्य कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु और डॉ. विवेक जोशी भी मौजूद रहेंगे। सम्मेलन में 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि, विदेशी राजनयिक और चुनावी विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। यह तीन दिवसीय आयोजन दुनिया भर के निर्वाचन प्रबंधन निकायों (EMBs) को एक साझा मंच प्रदान करेगा। इसमें वैश्विक चुनावी मानकों और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों पर आधारित कई सत्र आयोजित होंगे।
36 थीमेटिक समूह और शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी
सम्मेलन की खास बात इसमें होने वाली तकनीकी और शोध आधारित चर्चाएं हैं। राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) के नेतृत्व में कुल 36 थीमेटिक समूह बनाए गए हैं। इन समूहों को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों का सहयोग प्राप्त है। इसमें 4 IIT, 6 IIM, 12 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLUs) और IIMC के विशेषज्ञ शामिल हैं। ये सभी मिलकर चुनावी मानकों और मतदान प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने के लिए गहन विचार-विमर्श करेंगे।
लॉन्च होगा वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘ECINET’
डिजिटल क्रांति को चुनावी प्रक्रियाओं से जोड़ने के लिए चुनाव आयोग ‘ECINET’ नाम का प्लेटफॉर्म लॉन्च करेगा। यह दुनिया भर के चुनावी निकायों (EMBs) के लिए सूचनाओं और सेवाओं का वन-स्टॉप सेंटर होगा। इसके अलावा, भारत विभिन्न देशों के साथ 40 से अधिक द्विपक्षीय बैठकें भी करेगा। इन बैठकों का उद्देश्य चुनावी चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी सहयोग को और अधिक मजबूती देना है।
‘इंडिया डिसाइड्स’ डॉक्यूमेंट्री से दिखेगी चुनावी भव्यता
कार्यक्रम के पहले दिन लोकसभा चुनाव 2024 की विशालता को दर्शाने वाली डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘इंडिया डिसाइड्स’ का प्रदर्शन होगा। इसके साथ ही एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। यह प्रदर्शनी भारतीय चुनावों की जटिलता, मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया और निष्पक्ष चुनाव कराने के अनुभवों को दुनिया के सामने पेश करेगी। यह वैश्विक मंच भारत की लोकतांत्रिक विरासत और चुनावी प्रबंधन की दक्षता को पूरी दुनिया के सामने मजबूती से रखेगा।
