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ट्रंप के ‘खौफ’ से डरी दुनिया, अब भारत दिखाएगा रास्ता! 2026 में Narendra Modi रचेंगे नया इतिहास?

New Delhi News: पूरी दुनिया इस समय अमेरिका की नीतियों और टेरिफ वॉर से सहमी हुई है। इस डर के माहौल में भारत एक नई उम्मीद बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारत ब्रिक्स समिट 2026 की मेजबानी करने जा रहा है। यह सम्मेलन सिर्फ एक बैठक नहीं, बल्कि ग्लोबल साउथ के लिए भविष्य तय करने वाला मंच साबित होगा। जहां एक तरफ पश्चिमी देश अस्थिरता से जूझ रहे हैं, वहीं भारत चुपचाप एक वैकल्पिक वैश्विक नेतृत्व की नींव रख रहा है।

ट्रंप की नीतियों से बढ़ा ग्लोबल टेंशन

साल 2025 में भारत-अमेरिका रिश्तों में थोड़ी खटास देखने को मिली थी। जानकारों का मानना है कि साल 2026 और भी चुनौतीपूर्ण होने वाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियां दुनिया को अराजकता की ओर धकेल रही हैं। वेनेजुएला पर दबाव हो, क्यूबा पर प्रतिबंध या मेक्सिको पर टेरिफ, हर जगह डर का माहौल है। ईरान से व्यापार करने वालों पर टैक्स की चेतावनी ने चिंता और बढ़ा दी है। ऐसे मुश्किल वक्त में Narendra Modi की कूटनीति भारत को एक मजबूत वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित कर रही है।

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जयशंकर ने लॉन्च किया लोगो और थीम

भारत ने आधिकारिक तौर पर ब्रिक्स की कमान संभाल ली है। हाल ही में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दिल्ली में एक समारोह के दौरान समिट का लोगो, थीम और वेबसाइट लॉन्च की। इस मौके पर रूस, चीन और ब्राजील समेत कई देशों के राजदूत मौजूद रहे। जयशंकर ने साफ किया कि भारत इस समूह को समावेशी और मानव केंद्रित बनाएगा। Narendra Modi सरकार का लक्ष्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।

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दुनिया की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व

आज ब्रिक्स कोई छोटा समूह नहीं रह गया है। इसके 11 सदस्य देश दुनिया की 50 फीसदी आबादी और 40 फीसदी ग्लोबल जीडीपी को कवर करते हैं। यूरोपीय संसद की एक रिपोर्ट ने भी अब ब्रिक्स देशों के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है। यह समिट Narendra Modi के लिए नेतृत्व की एक बड़ी परीक्षा है। अगर भारत इसमें सफल होता है, तो ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक नीति बन जाएगा।

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