नवनिर्मित एवं अति पिछड़ी पंचायत बघैरक्तल के गांव बसनोड़ में आजादी के 74 साल बाद पानी पहुंचने से लोग बेहद खुश हैं। बघैरक्तल व प्रदेश की सबसे युवा प्रधान आंचल राजपूत ने प्रधान बनते ही महज 35 दिनों में कई वर्षों की समस्या का हल कर दिया है, जिससे बसनोड़ गांव के लोगों में खुशी की लहर है। बसनोड़ गांव के लोग घरों से बहुत दूर बने एक पुराने टैंक से पानी भरने के लिए मजबूर थे। युवा प्रधान ने कहा कि एक तरफ  सरकार हर घर में शौचालय निर्माण की बात करती है और अगर उचित नल सुविधा नहीं होगी तो शौचालय बनाने का क्या औचित्य रह जाता है।

युवा प्रधान आंचल राजपूत ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान लोगों की यही प्रमुख मांग और समस्या थी। लोग कहते थे कि आज तक बड़े पढ़े-लिखे व राजनीतिक पहुंच वाले प्रधान रहे, एमएलए व मंत्री भी रहे लेकिन हमारी इस समस्या का समाधान किसी ने नहीं किया और अब तो हमारा वोट डालने का भी मन नहीं करता। आंचल राजपूत ने कहा कि तब मैंने उन्हें आश्वासन दिया था कि अगर मैं प्रधान बनी तो सबसे पहले आपको पानी दिया जाएगा और आज लोगों को पानी मिला है। आंचल राजपूत ने कहा कि मुझे भी अपने पहले काम को पूरा होने पर प्रसन्नता है। आंचल राजपूत का कहना है कि इसके लिए वह अपने क्षेत्र के विधायक प्रकाश राणा को बधाई देना चाहती है, जिनके आशीर्वाद और जलशक्ति विभाग के सहायक अभियंता प्रदीप राठौर की कुशल कार्यशैली के कारण लोगों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हुआ है।

युवा प्रधान आंचल राजपूत का कहना है कि उन्हें चुनौतियों को स्वीकार करना और उनका डटकर सामना करने की प्रेरणा उनके पापा चमेल सिंह राजपूत से मिली है जोकि पिछले लगभग 10 सालों से समाजसेवा के क्षेत्र में हैं और बुजुर्गों व गरीब बेसहारा लोगों के लिए काम करते हैं। प्रदेश की युवा प्रधान का कहना है कि वह अपनी पिछड़ी पंचायत बघैरक्तल को विकसित व नशामुक्त करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगी। इस अवसर पर गांव के गण्यमान्य लोग हरि सिंह, लिखू राम, टेक चंद, बहादुर सिंह, राजो देवी, निर्बलू देवी, हेमा देवी, एसआई अमर सिंह व जनकल्याण समिति के अध्यक्ष संतराम वर्मा व महासचिव चमेल सिंह राजपूत आदि लोग मौजूद रहे।

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