Goa News: रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने रविवार को गोवा का अहम दौरा किया। वह प्रदूषण नियंत्रण पोत ‘समुद्र प्रताप’ के इंडियन कोस्ट गार्ड में शामिल होने से ठीक पहले यहां पहुंचे। उन्होंने गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) के काम का जायजा लिया। इस दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत के जहाज हमारी संप्रभुता के तैरते हुए प्रतीक हैं। ये खुले समुद्र में हमारी ताकत और मजबूत इरादों को दिखाते हैं।
आज सेना में शामिल होगा ‘समुद्र प्रताप’
जीएसएल ने दो प्रदूषण नियंत्रण पोत (PCV) तैयार किए हैं। इनमें से पहला जहाज ‘समुद्र प्रताप’ आज यानी 5 जनवरी 2026 को कोस्ट गार्ड में शामिल हो रहा है। इस ऐतिहासिक मौके पर Rajnath Singh खुद मौजूद रहेंगे। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बहुत जरूरी बताया। सिंह ने खुशी जताई कि भारतीय शिपयार्ड इस सपने को सच कर रहे हैं। इससे देश की सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो रही है।
स्वदेशी तकनीक से बढ़ रही ताकत
Rajnath Singh ने कहा कि जीएसएल जैसी संस्थाएं अब नई तकनीक को अपना रही हैं। वे स्वदेशी डिजाइन को लगातार बेहतर बना रहे हैं। इसका फायदा यह है कि हमारी सेना को समय पर जरूरी उपकरण मिल पा रहे हैं। भारत अब रक्षा के मामले में किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहता। आज के समय में सुरक्षा का माहौल काफी जटिल हो गया है। ऐसे में हमारे शिपयार्ड एक बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
समुद्र में बढ़ती नई चुनौतियां
रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने समुद्र में मौजूद खतरों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ पारंपरिक युद्ध का खतरा नहीं है। नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध मछली पकड़ने जैसे अपराध बढ़ गए हैं। मानव तस्करी और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले काम भी हो रहे हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए शिपयार्ड की जिम्मेदारी बढ़ गई है। जीएसएल भारत की समुद्री सुरक्षा का एक मजबूत स्तंभ है।
सिर्फ मशीन नहीं, जनता का भरोसा है यह
अपने संबोधन में Rajnath Singh ने एक भावुक बात भी कही। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी जहाज सिर्फ स्टील या मशीन का टुकड़ा नहीं होता। यह देश की जनता के भरोसे और सैनिकों की उम्मीदों का प्रतीक होता है। भारत अब हिंद महासागर में एक जिम्मेदार और ताकतवर देश बनकर उभर रहा है। हम क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

