Himachal News: हिमाचल प्रदेश में लोहड़ी और मकर संक्रांति का उत्साह चरम पर है। इस पावन अवसर पर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने विशेष रूप से गरीब बच्चों और बुजुर्गों के लिए अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार द्वारा दिया जाने वाला ‘त्योहार भत्ता’ जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान लाएगा।
बुराइयों को जलाकर खुशियां मनाएं
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने अपने संदेश में प्रदेश की खुशहाली की कामना की है। उन्होंने कहा कि लोहड़ी का पवित्र त्योहार आपके जीवन की सभी बुराइयों को जलाकर राख कर दे। यह पर्व सभी नागरिकों के जीवन में उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आए। राज्यपाल ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी प्रेम और सौहार्द बढ़ाते हैं।
त्योहार भत्ता बनाएगा लोहड़ी खास
मुख्यमंत्री सुक्खू ने राज्य के गरीब बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को याद करते हुए भावुक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने वंचित वर्गों के लिए त्योहार भत्ता देने की पहल की है। इससे उनकी लोहड़ी और भी खास बनेगी। सीएम ने कहा कि नई फसल के साथ आने वाले ये त्योहार समृद्धि के प्रतीक हैं। यह हमें अपनों के साथ खुशियां बांटने का मौका देते हैं, जिससे भाईचारा मजबूत होता है।
राष्ट्रपति ने किसानों को किया नमन
इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी देश-विदेश में बसे भारतीयों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लोहड़ी, मकर संक्रांति, पोंगल और माघ बिहू के अवसर पर बधाई संदेश जारी किया। राष्ट्रपति ने कहा कि ये त्योहार हमारी समृद्ध कृषि परंपरा और राष्ट्रीय एकता को दर्शाते हैं। यह उन किसानों की कड़ी मेहनत को सम्मान देने का दिन है, जो पूरे देश का पेट भरते हैं।
सूर्य की नई दिशा और नई शुरुआत
लोहड़ी और मकर संक्रांति भारत के प्रमुख फसल उत्सव हैं। 13 और 14 जनवरी को मनाए जाने वाले ये पर्व सर्दियों की विदाई और सूर्य के उत्तरायण होने का संकेत हैं। लोग इसे अलाव जलाकर, लोकगीत गाकर और पवित्र स्नान करके मनाते हैं। यह त्योहार प्रकृति के प्रति आभार जताने का माध्यम है। इसे देश भर में पोंगल और माघ बिहू जैसे विभिन्न रूपों में मनाया जाता है।

