Solan News: सोलन के क्षेत्रीय अस्पताल में मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ संचालित क्रस्ना लैब की जांच रिपोर्टों पर अब सवाल उठने लगे हैं। लैब ने एक मरीज को ऐसी रिपोर्ट थमा दी, जिसे देखकर उसके होश उड़ गए। रिपोर्ट में मरीज की किडनी फेल बताई गई। बाद में जब पोल खुली तो लैब प्रबंधन ने इसे महज एक ‘टाइपिंग मिस्टेक’ बताकर पल्ला झाड़ लिया। अस्पताल प्रशासन ने इस लापरवाही पर लैब को सख्त चेतावनी दी है।
पैरों तले खिसक गई जमीन
दरअसल, एक मरीज ने अपनी किडनी की स्थिति जानने के लिए अस्पताल की लैब में खून का नमूना दिया था। उसे क्रिएटिनिन टेस्ट करवाना था। जब रिपोर्ट आई तो मरीज के पैरों तले जमीन खिसक गई। रिपोर्ट में क्रिएटिनिन का स्तर इतना बढ़ा हुआ था कि यह सीधे किडनी फेलियर की ओर इशारा कर रहा था। मरीज घबराकर तुरंत डॉक्टर के पास पहुंचा। डॉक्टर भी रिपोर्ट के आंकड़े देखकर हैरान रह गए। उन्होंने मरीज को तत्काल दूसरी लैब से दोबारा जांच करवाने की सलाह दी।
निजी लैब की रिपोर्ट ने खोली पोल
डॉक्टर की सलाह पर मरीज ने एक निजी लैब में दोबारा टेस्ट करवाया। इस बार रिपोर्ट पूरी तरह विपरीत और सामान्य आई। मरीज को कोई बीमारी नहीं थी। जब इस भारी गलती के बारे में क्रस्ना लैब के प्रबंधकों से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने बेहद गैर-जिम्मेदाराना जवाब दिया। उन्होंने दावा किया कि मशीनों में कोई खराबी नहीं है, रिपोर्ट में सिर्फ ‘टाइपिंग मिस्टेक’ हो गई थी।
अस्पताल प्रशासन ने दी सख्त हिदायत
इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीज अब सरकारी सुविधा होते हुए भी हजारों रुपये खर्च कर बाहर टेस्ट करवाने को मजबूर हैं। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश पंवार ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने लैब प्रबंधकों को तलब किया और सही रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं होनी चाहिए, ताकि मरीजों को गलत इलाज से बचाया जा सके।
