New Delhi News: हिंदू धर्म में गरुड़ पुराण का खास महत्व है। इसमें भगवान विष्णु ने मृत्यु और पुनर्जन्म के गहरे रहस्य बताए हैं। क्या आप जानते हैं कि मरने से पहले ही आपका अगला जन्म तय हो जाता है? जी हां, आपके कर्म ही यह फैसला करते हैं। पुराणों में 84 लाख योनियों का जिक्र मिलता है। इनमें मनुष्य का जन्म सबसे श्रेष्ठ है। लेकिन कुछ गलतियों की वजह से इंसान को जानवर का शरीर भी मिल सकता है। आइए जानते हैं किन कर्मों से कौन सा जन्म मिलता है।
आखिरी वक्त की सोच है सबसे अहम
गरुड़ पुराण के मुताबिक, मृत्यु के समय इंसान के विचार बहुत मायने रखते हैं। भगवान विष्णु कहते हैं, “इंसान जिस भाव में मरता है, उसे वैसा ही अगला जन्म मिलता है।” अगर अंतिम समय में मन भगवान में लगा हो, तो उत्तम लोक मिलता है। लेकिन अगर दिमाग में पाप, गुस्सा या लालच हो, तो निचली योनि में जाना पड़ता है। यमराज आपके पुराने और नए कर्मों का हिसाब जोड़कर ही आपका अगला शरीर तय करते हैं।
धर्म का अपमान करने वाले बनेंगे कुत्ता
जो लोग धर्म, वेद और पुराणों का मजाक उड़ाते हैं, उन्हें सावधान हो जाना चाहिए। गरुड़ पुराण स्पष्ट कहता है कि नास्तिकता फैलाने वालों और ईश्वर का अपमान करने वालों का अगला जन्म कुत्ते (Dog) का होता है। ऐसे लोग जीवन भर सिर्फ अपने सुख में डूबे रहते हैं। इसी पाप की सजा उन्हें अगले जन्म में मिलती है। कुत्ते की योनि में उन्हें दर-दर की ठोकरें और अपमान सहना पड़ता है।
दोस्त को धोखा दिया तो बनेंगे गिद्ध
दोस्ती का रिश्ता दुनिया में सबसे पवित्र माना जाता है। लेकिन जो लोग दोस्त के साथ छल करते हैं, उनका अंजाम बहुत बुरा होता है। गरुड़ पुराण के अनुसार, मित्र के साथ विश्वासघात करने वाला अगले जन्म में गिद्ध बनता है। गिद्ध हमेशा मरे हुए जीवों को खाकर पेट भरता है। धोखेबाज इंसान को भी प्रकृति ऐसी ही घिनौनी और दुखभरी जिंदगी देती है। यह मित्रता का अपमान करने का दंड है।
गाली देने वालों का क्या होगा हाल?
दूसरों को बेवकूफ बनाकर फायदा उठाने वाले लोग अगले जन्म में उल्लू (Owl) बनते हैं। उल्लू दिन में नहीं देख पाता और अंधेरे में रहता है, जो उनकी मूर्खता और छल का प्रतीक है। वहीं, जो लोग अपनी जुबान से गंध फैलाते हैं यानी गाली-गलौज करते हैं, वे अगले जन्म में बकरा बनते हैं। बकरे की आवाज में हमेशा एक चीख और दर्द होता है। यह उनकी कड़वी बोली की ही सजा है। इसलिए गरुड़ पुराण हमेशा मीठा बोलने और अच्छे कर्म करने की सलाह देता है।
(डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

