Sirmaur News: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ जमीन के टुकड़े के लिए एक भतीजे ने अपने ही ताया को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस जांच में अब एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस जमीन के लिए परिवार में खून बहा, वह असल में वन विभाग की निकली। सरकारी रिकॉर्ड में यह भूमि वन विभाग के नाम पर दर्ज है।
22 जनवरी को हुआ था खूनी संघर्ष
यह खौफनाक मामला माजरा थाना क्षेत्र के खारा गांव का है। यहाँ 22 जनवरी 2025 को जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोपी सोम चंद (34) और उसकी पत्नी ने मिलकर बुजुर्ग भूरा राम (66) पर हमला कर दिया। आरोप है कि दोनों ने लात-घूंसों और डंडों से बुजुर्ग को बुरी तरह पीटा। इस हमले में भूरा राम को गंभीर चोटें आई थीं।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
घायल भूरा राम को पहले पांवटा साहिब और फिर नाहन अस्पताल ले जाया गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ भी रेफर किया गया। काफी इलाज के बाद भी उनकी जान नहीं बच सकी। उन्होंने 15 फरवरी 2025 को नाहन अस्पताल में अंतिम सांस ली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह अग्न्याश्य (पैंक्रियास) में गंभीर चोट बताई गई है। यह चोट किसी भारी चीज के वार से लगी थी।
कोर्ट ने खारिज की जमानत
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर चालान कोर्ट में पेश कर दिया है। आरोपी ने खुद को निर्दोष बताते हुए जमानत की अर्जी लगाई थी। अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि आरोपी को छोड़ने से न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। फिलहाल आरोपी जेल की सलाखों के पीछे है।
