Bihar News: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) के पास रहने वाले ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग की टीम ने शनिवार देर रात एक बूढ़े बाघ का सफल रेस्क्यू किया। यह बाघ वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र से सटे चारघरिया गांव में घुस आया था। सुरक्षा कारणों से इसे अब पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान भेज दिया गया है।
शिकार की तलाश में गांव पहुंचा था बाघ
वन संरक्षक सह निदेशक डॉ. नेशामणि ने बताया कि पकड़ा गया बाघ नर है। इसकी उम्र करीब 12 से 13 साल आंकी गई है। बुढ़ापे के कारण इसके दांत और नाखून टूट चुके हैं। यह बाघ पिछले कई दिनों से रिहायशी इलाकों में घूम रहा था। टाइगर ट्रेकर्स की टीम लगातार इसकी हरकतों पर नजर बनाए हुए थी।
ऐसे बनाया गया रेस्क्यू का प्लान
शुक्रवार की रात इस बाघ ने गांव के एक किसान के बथान में घुसकर गाय का शिकार किया था। वन विभाग को आशंका थी कि वह अपने शिकार के पास दोबारा जरूर आएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए टीम ने जाल बिछाया। ट्रैंकुलाइजर गन के साथ वनकर्मी मौके पर तैनात हो गए। जैसे ही बाघ वहां पहुंचा, टीम ने उसे बेहोश कर पिंजरे में कैद कर लिया।
इंसानों के लिए बन सकता था खतरा
अधिकारियों ने बताया कि बाघ को पकड़ना बेहद जरूरी हो गया था। कमजोर होने के कारण वह शिकार के लिए इंसानों को निशाना बना सकता था। अब पटना जू में उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में एसीएफ सत्यम कुमार, पशु चिकित्सक डॉ. राकेश कुमार और फील्ड बायोलॉजिस्ट सौरभ वर्मा समेत कई वनकर्मी शामिल थे।

