Himachal Pradesh News: प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। सोमवार को राज्य महिला आयोग ने एनजीओ भवन में एक विशेष जागरूकता शिविर लगाया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि महिलाओं के आत्मसम्मान के लिए उनका अपनी जेब पर निर्भर होना बहुत जरूरी है। Himachal Pradesh सरकार अब महिलाओं को घर बैठे कमाई के नए मौके दे रही है।
दूध और खेती से बदलेगी किस्मत
सुनील शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने महिलाओं के हित में बड़े फैसले लिए हैं। सरकार ने प्राकृतिक खेती से उगाई गई फसलों के दाम बढ़ा दिए हैं। इतना ही नहीं, गाय और भैंस के दूध के लिए भी ऊंचे दाम तय किए गए हैं। इसका सीधा फायदा Himachal Pradesh के गांवों में रहने वाली महिलाओं को मिलेगा। सरकार चाहती है कि मनरेगा और स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाएं आत्मनिर्भर बनें।
करोड़ों का सामान बेच चुकी हैं महिलाएं
सरकार ने महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए मार्केटिंग के रास्ते खोल दिए हैं। उनके बनाए उत्पादों की ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसका नतीजा यह है कि अब तक इन समूहों ने दो करोड़ रुपये से ज्यादा का सामान बेचा है। सुनील शर्मा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से महिलाएं अपने अधिकारों को लेकर जागरूक होती हैं। इससे शोषण के खिलाफ आवाज उठाने में मदद मिलती है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के काम की भी तारीफ की।
सीधे आयोग से करें शिकायत
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने महिलाओं को निडर होकर जीने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आयोग तक पहुंचना अब बहुत आसान है। अगर किसी महिला के साथ अत्याचार होता है, तो वह सीधे आयोग से संपर्क कर सकती है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे जमीनी स्तर पर नजर रखें और गलत होने पर तुरंत रिपोर्ट करें। कार्यक्रम में लैंगिक भेदभाव जैसे गंभीर मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
टॉपर्स बेटियों को मिला इनाम
इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई। कार्यक्रम का एक खास आकर्षण मेधावी छात्राओं का सम्मान था। जिले में दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं में टॉप करने वाली 20 लड़कियों को पुरस्कृत किया गया। उन्हें ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत यह सम्मान मिला। इस मौके पर एसपी बलवीर सिंह और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
