World News: क्या आप जानते हैं कि अमेरिका और रूस एक-दूसरे के बेहद करीब हैं? वर्ल्ड मैप पर ये दोनों देश अलग-अलग छोर पर दिखते हैं, लेकिन असल में कहानी कुछ और है. धरती गोल है और उत्तरी छोर पर ये दोनों पड़ोसी बन जाते हैं. अमेरिका और रूस के बीच की दूरी महज 4 किलोमीटर है. यह फासला इतना कम है कि आप हैरान रह जाएंगे. बेरिंग जलडमरूमध्य में ये दोनों महाशक्तियां आमने-सामने खड़ी हैं.
सिर्फ 4 किलोमीटर की है दूरी
समुद्र के बीच दो खास द्वीप मौजूद हैं. इन्हें डायोमीड आइलैंड्स कहा जाता है. इनमें से ‘बिग डायोमीड’ रूस का हिस्सा है. वहीं ‘लिटिल डायोमीड’ अमेरिका के पास है. इन दोनों द्वीपों के बीच सिर्फ 2.4 मील यानी करीब 3.8 किलोमीटर का अंतर है. मौसम साफ होने पर आप एक देश से दूसरे देश को देख सकते हैं. सर्दियों में जब पानी जम जाता है, तो यह दूरी और भी कम लगती है. हालांकि, यहां से बिना अनुमति के गुजरना गैरकानूनी है.
कल और आज का अनोखा खेल
इन द्वीपों के बीच एक और जादुई लकीर है. यहां से इंटरनेशनल डेट लाइन गुजरती है. इस वजह से दोनों द्वीपों के समय में 21 घंटे का अंतर आ जाता है. रूस वाला द्वीप समय में आगे है और अमेरिका वाला पीछे. इसी वजह से इन्हें ‘टुमॉरो आइलैंड’ और ‘येस्टरडे आइलैंड’ कहा जाता है. यानी एक द्वीप पर आज है, तो दूसरे पर कल. यह भौगोलिक स्थिति पूरी दुनिया में अनोखी है.
जब अमेरिका ने खरीदा था अलास्का
इतिहास में जाएं तो अलास्का पहले रूस का ही भाग था. साल 1867 तक इस पर रूस का शासन था. बाद में रूस ने इसे अमेरिका को बेच दिया. यह सौदा केवल 72 लाख डॉलर में हुआ था. आज भी अलास्का में रूसी संस्कृति की झलक दिखती है. वहां के पुराने चर्च और लोगों के नाम इसके गवाह हैं. डायोमीड द्वीप पर यह नजदीकी सबसे ज्यादा महसूस होती है.
बर्फ की दीवार और बिछड़े परिवार
शीत युद्ध से पहले लोग आसानी से आते-जाते थे. यहां के आदिवासी समुदाय आपस में शादी-ब्याह और व्यापार करते थे. लेकिन 1948 में सब बदल गया. सोवियत संघ ने सीमाएं सील कर दीं. इसे ‘आइस कर्टन’ कहा गया. इस फैसले ने कई परिवारों को तोड़ दिया. बिग डायोमीड अब वीरान है और वहां सिर्फ रूसी सैनिक रहते हैं. वहीं अमेरिका के लिटिल डायोमीड पर आज भी करीब 80 लोग रहते हैं.

