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अल कायदा के कथित आतंकी डॉक्टर ने की जेल में बंद कोविड मरीजों का इलाज करने की पेशकश

आतंकी संगठन अलकायदा का कथित तौर पर सदस्य रहे और तिहाड़ जेल में बंद एक डॉक्टर ने दिल्ली की अदालत का रुख किया है और तिहाड़ जेल में बंद कोरोना मरीजों के इलाज में जेल प्रशासन का सहयोग करने की अनुमति मांगी है। भारत और विदेशों में आतंक फैलाने के आरोपी इस डॉक्टर ने अदालत से कहा है कि वह कोरोना महामारी के समय तिहाड़ जेल में बंद कैदियों का इलाज करना चाहता है और उसे इसकी अनुमति दी जाए।

विशेष न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा के सामने बुधवार को दाखिल याचिका में आरोपी सबील अहमद के वकील एमएस खान ने कहा कि सेन्ट्रल जेल में कैदियों के इलाज और कोरोना मामलों से निपटने में मेडिकल प्रोफेशनल के तौर पर सबील अहमद के के एक्सपीरियंस और विशेषज्ञता का लाभ लिया जा सकता है।

एमएस खान ने आरोपी को जेल प्रशासन को सहयोग देने की अनुमति के लिए जेल अधीक्षक को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई शनिवार को होगी।

दिल्ली पुलिस ने 22 फरवरी को किया था गिरफ्तार

याचिका में कहा गया, “इस बात का जिक्र करना जरूरी होगा कि आरोपी MBBS डॉक्टर है और उसे गंभीर मरीजों के इलाज का सात साल का अनुभव भी है। इसे देखते हुए चिकित्सा पेशेवर के तौर पर उसके अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ कोरोना के मामलों से निपटने और जेल के कैदियों के इलाज में किया जा सकता है।” इससे पहले दिल्ली की एक अदालत ने सबील अहमद को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

आतंकी संगठन अलकायदा इन द इंडियन सब कॉन्टिनेंट (AQIS) के सदस्य रह चुके सबील अहमद को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 22 फरवरी को गिरफ्तार किया था। उस पर भारत और विदेशों में आतंकी संगठन के सदस्यों को कथित तौर पर वित्तीय और अन्य मदद मुहैया कराने और यहां आतंकी संगठन तैयार करने का आरोप है। इसी के साथ, अहमद 30 जून 2007 को ब्रिटेन के ग्लासगो हवाईअड्डे पर फिदायीन हमला मामले में भी आरोपी है।

भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप में NIA ने किया था गिरफ्तार

अहमद को पिछले साल, 20 अगस्त को सऊदी अरब से भारत लाया गया था और बेंगलुरु में आतंकवाद के दर्ज मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने उसे हिरासत में लिया था। NIA ने उसे लश्कर ए तैयबा (LeT) के सदस्यों की तरफ से रची गई साजिश और हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी की तरफ से तोड़फोड़ और हिंसा करने और भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया था। बाद में इस साल 22 फरवरी को मौजूदा मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे हिरासत में लिया।

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