म्यांमार की पुलिस ने सैन्य तख्तापलट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर कई शहरों में फिर फायरिंग की है। बताया जा रहा है कि पुलिस की फायरिंग में कम से कम 7 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। हालांकि, लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों की मौतों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। घटनास्थल पर तैनात मेडिकल वॉलिन्टियर्स और स्थानीय मीडिया का दावा है कि मृतकों की संख्या 10 के करीब हो सकती है।

तीन शहरों में पुलिस ने चलाई गोलियां
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को तीन प्रदर्शनकारियों की मौत रंगून में पुलिस की गोली से हुई है। जबकि, दावोई शहर में पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़प में दो लोगों की मौत की खबर है। बाकी के दो लोगों की मौत मांडले में पुलिस की फायरिंग में हुई है। इससे पहले भी म्यांमार पुलिस की फायरिंग में तीन प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है। सोशल मीडिया पर ऐसी तस्वीरें वायरल हो रहीं हैं जिनमें गोलियों के खोखे दिखाई दे रहे हैं।

सैकड़ों लोग गिरफ्तार
ऐसी भी खबरे हैं कि सुरक्षाबलों ने देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन को खत्म कराने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे और पानी की बौछारे भी की हैं। ऐसी खबरें हैं कि पुलिस ने म्यांमा के सबसे बड़े शहर यांगून में गोलियां चलाईं और प्रदर्शनकारियों को सड़कों से उठाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे तथा पानी की बौछारें छोड़ीं।

उत्तर से दक्षिण तक हर राज्य में प्रदर्शन
दक्षिणपूर्वी म्यांमा के छोटे से शहर दावेई में भी सुरक्षा बलों ने हिंसक कार्रवाई की। रविवार को दावोई में हिंसा उस वक्त भड़की जब मेडिकल के छात्र राजधानी की सड़कों पर मार्च निकाल रहे थे। घटना की जारी हुई तस्वीरों और वीडियो में प्रदर्शनकारी उस वक्त भागते दिख रहे हैं जब पुलिस ने उन पर सख्ती की। राजधानी में किसी के हताहत होने के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। सड़कों पर गोलियों की आवाजें सुनी गईं और माना जा रहा है कि भीड़ पर स्मोग ग्रेनेड भी फेंका गया।

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