New Delhi News: बजट पेश होने में अब महज 10 दिन बचे हैं। इससे पहले भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अमेरिका से दोहरी खुशी आई है। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) और रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत की विकास दर को लेकर बड़ा दावा किया है। इन दोनों अमेरिकी संस्थाओं ने माना है कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा। भारत दुनिया का इकलौता बड़ा देश है, जिसकी ग्रोथ रेट 7 फीसदी से ऊपर रहने का अनुमान है।
आईएमएफ ने बढ़ाया भारत का भरोसा
इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड ने 19 जनवरी को अपना ग्लोबल इकोनॉमिक आउटलुक जारी किया। संस्था ने भारत के लिए अपने पुराने अनुमान को बदल दिया है। आईएमएफ के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में भारत की जीडीपी 7.3 फीसदी की रफ्तार से बढ़ेगी। यह अक्टूबर में लगाए गए अनुमान से 0.7 फीसदी ज्यादा है। आईएमएफ ने वित्त वर्ष 2027 के लिए भी विकास दर का अनुमान 6.2 फीसदी से बढ़ाकर 6.4 फीसदी कर दिया है।
मूडीज ने भी दिखाई हरी झंडी
रेटिंग एजेंसी मूडीज का अनुमान भी आईएमएफ से मेल खाता है। मूडीज ने चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.3 फीसदी रहने की बात कही है। एजेंसी का मानना है कि मजबूत आर्थिक विस्तार से लोगों की कमाई बढ़ेगी। इसका सीधा फायदा बाजार और इंश्योरेंस सेक्टर को मिलेगा। मूडीज के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी 8.2 फीसदी बढ़कर 11,176 डॉलर हो गई है।
चीन और अमेरिका की हालत
आईएमएफ की रिपोर्ट ने भारत को चीन और अमेरिका से काफी आगे रखा है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में अमेरिका की ग्रोथ रेट 2.4 फीसदी रहेगी। वहीं, चीन की विकास दर 5 फीसदी से घटकर 4.5 फीसदी रहने का अनुमान है। भारत में महंगाई 2 फीसदी से नीचे है, जो अर्थव्यवस्था के लिए एक और सकारात्मक संकेत है। भारत का घरेलू कंजंप्शन और डिमांड दुनिया के लिए ग्रोथ इंजन का काम कर रहा है।
इंश्योरेंस सेक्टर में आया बंपर उछाल
मूडीज की रिपोर्ट ने भारत के इंश्योरेंस सेक्टर की मजबूती को भी रेखांकित किया है। वित्त वर्ष 2025-26 के पहले आठ महीनों (अप्रैल-नवंबर) में कुल प्रीमियम आय 17 फीसदी बढ़ी है। यह आंकड़ा 10.9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम में 14 फीसदी और लाइफ इंश्योरेंस के नए कारोबार में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। यह दर्शाता है कि भारतीय अब रिस्क को लेकर ज्यादा जागरूक हो गए हैं।
आरबीआई का अनुमान भी सटीक
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी दिसंबर की पॉलिसी मीटिंग में ऐसे ही संकेत दिए थे। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 7.3 फीसदी ग्रोथ का अनुमान लगाया था। इससे पहले यह अनुमान 6.8 फीसदी था। सरकार ने भी दूसरी तिमाही में 7.4 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की थी। अब वर्ल्ड बैंक, आईएमएफ, मूडीज और आरबीआई सभी के आंकड़े एक ही दिशा में इशारा कर रहे हैं।

