Telangana News: तेलंगाना सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब सरकारी कर्मचारियों को अपने बूढ़े माता-पिता की देखभाल करनी ही होगी। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उनकी सैलरी से 10 प्रतिशत हिस्सा काट लिया जाएगा। यह पैसा सीधे माता-पिता के बैंक खाते में जमा होगा। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार को यह बड़ा एलान किया। सरकार इस नियम को सख्ती से लागू करने के लिए कानून ला रही है।
अभिभावकों के खाते में जाएंगे पैसे
सीएम रेड्डी ने साफ कहा कि बुजुर्ग माता-पिता की शिकायतों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि लापरवाह बेटों की तनख्वाह का हिस्सा बुजुर्गों तक पहुंचे। इसके अलावा सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए ‘प्रणाम’ नाम से डे-केयर सेंटर भी खोलेगी। इसका मकसद बुजुर्गों को अकेलेपन से बचाना और सम्मानजनक जीवन देना है।
दिव्यांगों के लिए 50 करोड़ का बजट
सरकार ने दिव्यांगों के लिए भी खजाना खोल दिया है। इस नई योजना के लिए 50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने दिव्यांगों के सशक्तिकरण के लिए कई मुफ्त सुविधाएं देने की घोषणा की है:
- दिव्यांगों को रेट्रोफिटेड मोटराइज्ड वाहन और बैटरी वाली तिपहिया साइकिल मिलेगी।
- बैटरी व्हीलचेयर, लैपटॉप और सुनने की मशीनें मुफ्त दी जाएंगी।
- नवविवाहित दिव्यांग जोड़ों को सरकार 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद देगी।
सीएम ने पूर्व केंद्रीय मंत्री जयपाल रेड्डी को याद किया। उन्होंने कहा कि जयपाल रेड्डी ने दिव्यांगता के बावजूद राजनीति में बड़ा मुकाम हासिल किया और लोगों के लिए प्रेरणा बने।
ट्रांसजेंडर्स को मिलेगा आरक्षण
मुख्यमंत्री ने ट्रांसजेंडर्स के लिए भी बड़ा कदम उठाया है। अब हर नगर निगम में एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति को को-ऑप्शन सदस्य बनाया जाएगा। इससे वे अपनी समस्याओं को सरकार तक आसानी से पहुंचा सकेंगे। इसके अलावा, सरकार 2026-2027 के बजट में नई स्वास्थ्य नीति लाएगी। इसका उद्देश्य राज्य के हर नागरिक को बेहतर और मुफ्त इलाज मुहैया कराना है।
