तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय गोहर में एक शातिर ने अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर एक नाबालिग समेत आठ लोगों के जाली दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवा दिए। इसकी एवज में धनराशि भी ली गई। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
दस्तावेजों की जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर तहसील कल्याण अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी का सुराग लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आठ अभियुक्तों ने कोर्ट से जमानत ले ली है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। अभियुक्त टेक चंद निवासी लोट, चच्योट ने एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर दिव्यांगता पेंशन लगवाने के नाम पर लोगों के प्रमाणपत्र बनाने के लिए 16 हजार रुपये प्रति प्रमाणपत्र लिए थे।

दिव्यांगता पेंशन प्राप्त करने के लिए कुछ लोगों ने प्रमाणपत्र तहसील कल्याण अधिकारी गोहर के कार्यालय में जमा भी करवा दिए। तहसील कल्याण अधिकारी गोहर ने जब कार्यालय में जमा दस्तावेजों की छानबीन की तो उसमें गड़बड़ी पाए जाने पर उन्होंने पुलिस में शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी टेक चंद को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। पुलिस ने आरोपी टेक चंद को गिरफ्तार कर उसे कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। एसएचओ गोहर सूरम सिंह ने केस दर्ज करने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मुख्य अभियुक्त टेक चंद के खिलाफ पहले भी अनेक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

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