मुंबई: कोरोना वायरस के बढ़ते खतरों और तमाम नकारात्मक खबरों के बीच एक ऐसी खबर आई है, जो प्रेरणा देती है। कोरोना के इस भयावह दौर में अगर कोई निःस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा करता है तो निश्चित रूप से यह तारीफ के काबिल है। पेशे से एक स्कूल शिक्षक दत्तात्रेय सावंत ने ऐसा ही उदहारण पेश किया है। शिक्षक दत्तात्रेय सावंत पार्ट टाइम ऑटो रिक्शा चला रहे हैं और कोरोना के मरीज़ों को मुफ्त ऑटो रिक्शा की सवारी की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। दत्तात्रेय सावंत कहते हैं कि मैं मरीज़ों को घर से अस्पताल और अस्पताल से घर मुफ्त में छोड़ता हूं। वे कहते हैं कि जब तक कोरोना की लहर रहेगी, यह सेवा जारी रहेगी।

उधर, महाराष्ट्र में आज 62,919 नए मामलों की पुष्टि हुई है। रात 10 बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक, 24 घंटे में 828 मरीजों की मौत हुई है और 69,710 मरीज ठीक हुए हैं। एक दिन पहले गुरुवार को महाराष्ट्र में 66,159 नए मामले सामने आए थे और 771 मरीजों की मौत हो गई थी। बुधवार को सबसे अधिक 985 मरीजों की मौत हुई थी और यह एक दिन में कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। महाराष्ट्र में कोरोना के कहर के बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से राज्य के लोगों को संबोधित करते हुए कहा, लॉकडाउन जैसे प्रतिबंधों ने महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में दैनिक वृद्धि पर रोक लगाने में मदद की है। उन्होंने यह भी कहा, यदि लॉकउाउन जैसे प्रतिबंध न होते तो महाराष्ट्र में संक्रमण के नौ से दस लाख केस चल रहे होते। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि लॉकडाउन आवश्यक हो सकता है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि हम उस चरण तक पहुंचेंगे।

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