New Delhi News: कांग्रेस ने दक्षिण भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कमर कस ली है। तमिलनाडु और पुडुचेरी में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने इन राज्यों के नेताओं के साथ दिल्ली में एक अहम बैठक की। इस दौरान चुनावी रणनीति पर मंथन हुआ। नेतृत्व ने नेताओं को गुटबाजी छोड़कर स्थानीय मुद्दों पर फोकस करने का निर्देश दिया है।
राहुल गांधी ने की ‘वन-टू-वन’ मुलाकात
तमिलनाडु के नेताओं के साथ हुई बैठक का तरीका काफी अलग और खास था। बैठक की शुरुआत और अंत सामूहिक चर्चा से हुआ। लेकिन इसके बीच में राहुल गांधी ने राज्य के नेताओं से अलग-अलग (वन-टू-वन) मुलाकात की। उन्होंने हर नेता की बात को ध्यान से सुना और उनकी राय जानी। खड़गे और राहुल ने स्पष्ट कहा कि नेता अब जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करें। जनता से जुड़े मुद्दों को ही प्राथमिकता दी जाए।
बयानबाजी पर लगा सख्त ताला
बैठक में अनुशासन को लेकर कड़े फैसले लिए गए। आलाकमान ने नेताओं को सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर बयानबाजी से बचने की सख्त हिदायत दी है। नेतृत्व ने साफ कहा कि पार्टी के फैसलों पर सभी को एक सुर में बात करनी होगी। तमिलनाडु और पुडुचेरी से जुड़े सभी बड़े फैसले अब सीधे मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ही लेंगे। नेताओं को चेताया गया है कि वे किसी भी तरह की अटकलों से दूर रहें।
21 जनवरी से शुरू होगी बड़ी पदयात्रा
कांग्रेस पुडुचेरी में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए सड़क पर उतरने वाली है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जानकारी दी कि 21 जनवरी से राज्य भर में एक विशाल पदयात्रा शुरू की जाएगी। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे। संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, यह कवायद दक्षिण भारत में पार्टी को नई ऊर्जा देने के लिए की जा रही है। इसका मकसद आगामी चुनावों के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार करना है।
यूपी के लिए भी राहुल का प्लान तैयार
दक्षिण के साथ-साथ राहुल गांधी का फोकस उत्तर प्रदेश पर भी है। राहुल 20 जनवरी को अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दौरे पर जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, वे वहां यूपी कांग्रेस के नेताओं से मुलाकात करेंगे। इस दौरान मनरेगा और अन्य स्थानीय मुद्दों पर कार्यकर्ताओं को दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। माना जा रहा है कि इस दौरे पर यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भी रणनीतिक बैठक हो सकती है।
