भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने बुधवार को पांवटा साहिब के हरिपुर टोहाना में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से आयोजित महापंचायत में किसानों को संबोधित हुए कहा कि कोरोना का बाप भी आ जाए तो भी किसान आंदोलन बंद नहीं होगा। 2021 का साल आंदोलन का वर्ष है। पहाड़ के किसानों को भी दिल्ली आंदोलन में शामिल होने की आवश्यकता है। उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये शाहिन बाग का आंदोलन नहीं है, जो कोरोना के आने से खत्म हो जाएगा।

ये किसानों का आंदोलन है जो जारी रहेगा, चाहे देश में कर्फ्यू लगा दिया जाए या फिर लॉॉकडाउन ही क्यों न लगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को किसान विरोधी तीनों कानूनों को वापस लेना होगा। केंद्र सरकार द्वारा बनाए गऐ तीन कृषि कानून किसानों को बर्बाद करने वाले कानून है। अंग्रेज भी बात करके हल निकालती थी लेकिन यह तानाशाह सरकार बात करने को तैयार ही नहीं है। आम आदमी किसान हितों की लड़ाई लड़ रहा है, देश के सभी संपत्तियों को बेचने का काम किया जा रहा है।

किसानों को दबाने का काम किया जा रहा है। राकेश टिकैत ने कहा कि पहाड़ के किसान को मंडियों तक पहुंचाने की व्यवस्था सरकार करे और जंगली जानवरों से फसलों को नुकसान पहुंचाने के लिए किसानों को मुआवजा दे। कहा कि सरकार बनाने का काम सडक़ें व विकास करने का काम होता है लेकिन साथ साल से सरकार का काम मंदिरों बनाने में बीत गया। जब तक केंद्र सरकार तीन कृषि कानून को वापिस नहीं करेगा तब तक संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर सरदार गुरनाम सिंह, बलबीर सिंह, अभिमन्यु, डॉ. दर्शन पाल आदि कई नेता उपस्थित रहे।

error: Content is protected !!