Middle East News: ब्रिटेन और फ्रांस ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट के ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमला किया। यह सैन्य कार्रवाई शनिवार शाम को की गई। निशाना सीरिया के मध्य हिस्से में पलमायरा के उत्तर का एक दुर्गम पहाड़ी इलाका था। ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के अनुसार यहां आतंकी हथियार और विस्फोटक छिपा रहे थे। इस हमले में आधुनिक गाइडेड बमों का इस्तेमाल हुआ और ठिकाने तक जाने वाली सुरंगों को नष्ट किया गया।
इस ऑपरेशन में ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स के टाइफून FGR4 लड़ाकू विमानों ने भाग लिया। विमानों को हवा में ईंधन भरने वाले टैंकर विमानों से समर्थन मिला। इससे वे लंबे समय तक मिशन पर बने रहे। ब्रिटेन ने पेववे-4 सटीक निशाने वाले बमों का प्रयोग किया। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि हमले के असर की समीक्षा जारी है। शुरुआती संकेत मिशन की सफलता की ओर इशारा करते हैं।
आतंकवाद के खिलाफ मजबूत संदेश
ब्रिटेन केरक्षा मंत्री जॉन हीली ने इस कार्रवाई को अहम बताया। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन दिखाता है कि ब्रिटेन आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से खड़ा है। वह अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर काम करता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आईएसआईएस की ताकत बढ़ने की किसी भी कोशिश को कुचलने के लिए ब्रिटेन तैयार है। यह कार्रवाई वैश्विक शांति के लिए खतरा पैदा करने वाले आतंकियों के खिलाफ थी।
रक्षा मंत्रालय ने यह भी पुष्टि की कि इस हमले में कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ। इसका कारण यह था कि निशाने वाला इलाका बिल्कुल दुर्गम था। वहां आम लोगों की मौजूदगी नहीं थी। मिशन में शामिल सभी विमान सुरक्षित अपने बेस पर लौट आए। यह जानकारी ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में दी। इससे सैन्य तैयारी का पता चलता है।
आईएसआईएस के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रयास
ब्रिटेन और फ्रांस कीयह संयुक्त कार्रवाई आईएसआईएस के खिलाफ चल रहे अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का हिस्सा है। दोनों देशों ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। वे आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम करते रहेंगे। उनका लक्ष्य क्षेत्र में स्थिरता और शांति बनाए रखना है। यह हमला दर्शाता है कि आतंकी समूह अभी भी सक्रिय हैं।
इस सैन्य कार्रवाई की जानकारी ब्रिटिश अखबार द इंडिपेंडेंट और रॉयटर्स ने दी। समाचार एजेंसी के मुताबिक ऑपरेशन काफी सटीक था। निशाने सुरंगों और भूमिगत ठिकानों पर लगाए गए। इससे आतंकियों की आवाजाही पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। सीरिया में इस तरह के हमले पहले भी हो चुके हैं। यह नवीनतम कार्रवाई आईएसआईएस के खात्मे की दिशा में एक कदम है।

