पश्चिम बंगाल में होने जा रहे विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस पहली सूची में 57 उम्मीदवारों के नाम हैं। बता दें कि शनिवार सुबह ही पार्टी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने इसके संकेत भी दिए थे। नंदीग्राम सीट से मुख्यमंत्री व टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी का मुकाबला भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी से होगा। सुवेंदु पहले ममता के करीबी थे, वे दीदी को पटखने देने के लिए भाजपा में शामिल हुए हैं। 

भाजपा महासचिव अरुण सिंह ने सूची जारी करते हुए कहा कि भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 57 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों को मंजूरी दी है। नंदीग्रााम में सीएम ममता बनर्जी का सुवेंदु अधिकारी से मुकाबला होगा। खड़गपुर से तपन भुइया, मेदिनीपुर से संबित दास, नयाग्राम से बाकुल मुर्मू, झारग्राम से सुकमय सतपति, बिनपुर से सालन सरीन। सुवेंदु अधिकारी ममता के खास करीबी मंत्री थे। कुछ माह पूर्व ही वे टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। बंगाल चुनाव में नंदीग्राम सीट अब सबसे आकर्षक व कड़ी चुनौती वाली होगी। 

देखना दिलचस्प होगा कि सुवेंदु अधिकारी किस तरह से ममता बनर्जी का सामना करेंगे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी परंपरागत भवानीपुर सीट छोड़कर नंदीग्राम पहुंची हैं। टीएमसी के सूची में उन्हें वहां से प्रत्याशी बनाया गया है। इस पर टीएमसी नेताओं ने कहा था कि सुवेंदु संभवत: यहां से चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन भाजपा ने उन्हें नंदीग्राम से टिकट देकर ममता व तृणमूल कांग्रेस की चुनौती स्वीकार कर ली है। 

ममता के सीट बदलने पर भाजपा ने किया था तंज
बीते दिनों जब बंगाल में सत्तारूढ़ टीएमसी ने अपने 291 प्रत्याशियों की एकमुश्त सूची जारी की थी तो उसमें ममता बनर्जी को भवानीपुर की बजाए नंदीग्राम से प्रत्याशी घोषित किया था। इस पर भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने तंज किया था कि हार सामने देखकर ममता डर गई हैं, इसलिए नंदीग्राम भाग गई हैं। उन्होंने कहा कि नंदीग्राम से टीएमसी का उत्थान हुआ था। उसके बाद ममता ने नंदीग्राम देखा भी नहीं, वहां की जनता के साथ विश्वासघात किया। अब वे भवानीपुर से विश्वासघात कर नंदीग्राम जा रही है, वहां की जनता विश्वासघात का जवाब वोटों से देगी। 

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