New Delhi News: देश भर में आज लोहड़ी का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। कड़ाके की ठंड के बीच यह पर्व लोगों के जीवन में नई ऊर्जा और गर्माहट लेकर आता है। आज शाम को घर-घर में पवित्र अग्नि जलाई जाएगी। लोग इस अग्नि के चारों ओर फेरे लेकर सर्दी की विदाई का जश्न मनाएंगे। बाजारों में सुबह से ही रौनक देखने को मिल रही है। लोग पूजा की तैयारियों और खरीदारी में व्यस्त हैं। अगर आप भी आज इस पर्व को मना रहे हैं, तो पूजन सामग्री की पूरी जानकारी होना आवश्यक है। यहां हम आपको पूजा की सही विधि और आवश्यक सामान की लिस्ट बता रहे हैं।
लोहड़ी पूजन के लिए आवश्यक सामग्री
त्योहार का मजा किरकिरा न हो, इसके लिए समय रहते पूजा का सारा सामान जुटा लेना चाहिए। लोहड़ी की पूजा के लिए लकड़ी और सूखे उपले (गोबर के) सबसे अहम हैं। अग्नि प्रज्वलित करने के लिए सूखे पत्ते भी पास रखें। प्रसाद के रूप में तिल, मूंगफली और पॉपकॉर्न का होना अनिवार्य माना जाता है। इसके अलावा गन्ने, गेहूं या बाजरे की बालियां भी पूजा में शामिल करें। मिठास के लिए रेवड़ी और गजक जरूर खरीदें। मकई के दाने, धूप, दीपक और शुद्ध घी भी थाली में सजाएं। जश्न को यादगार बनाने के लिए ढोल का इंतजाम करना न भूलें।
अग्नि प्रज्वलित करने की विधि
लोहड़ी की पूजा सूर्यास्त के बाद ही की जाती है। शाम के शुभ मुहूर्त में किसी खुले और साफ स्थान पर लकड़ियों का ढेर लगाएं। सबसे पहले पूजा की थाली तैयार करें। इसमें तिल, गुड़, मूंगफली, रेवड़ी और अन्य सामग्री सजा लें। अब धूप और अगरबत्ती जलाकर सूर्य देव और अग्नि देव का आह्वान करें। इसके बाद लकड़ियों के ढेर में घी डालकर अग्नि प्रज्वलित करें। यह अग्नि सकारात्मकता और पवित्रता का प्रतीक मानी जाती है।
परिक्रमा और प्रसाद वितरण
अग्नि जलने के बाद घर के सभी सदस्य इसके चारों ओर घेरा बनाकर खड़े हो जाएं। लोकगीत गाते हुए अग्नि की परिक्रमा करें। इस दौरान जलती हुई आग में तिल, गुड़, गजक और मकई के दाने अर्पित करें। यह आहुति घर में सुख और समृद्धि की कामना के साथ दी जाती है। ईश्वर से प्रार्थना करें कि आने वाला समय परिवार के लिए खुशहाली लेकर आए। पूजा संपन्न होने के बाद बड़ों का आशीर्वाद लें और सभी में प्रसाद बांटें। रात के भोजन में सरसों का साग, मक्की की रोटी और खीर का आनंद लें।
