सुक्खू सरकार का ‘अग्निपरीक्षा’ वाला बजट: क्या जारी रहेंगी मुफ्त सुविधाएं या जनता पर बढ़ेगा बोझ?

Himachal News: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा और निर्णायक चरण सोमवार से शुरू हो रहा है। सियासी गलियारों में हलचल तेज है क्योंकि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 21 मार्च को अपना आगामी बजट पेश करेंगे। इस बार का बजट राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। सरकार के सामने 2100 करोड़ रुपये की सालाना सब्सिडी और विकास योजनाओं के बीच संतुलन बनाने की बड़ी चुनौती है।

नए राज्यपाल और धन्यवाद प्रस्ताव पर नजर

विधानसभा की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ रफ्तार पकड़ेगी। इसके तुरंत बाद सदन में पूर्व राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश होगा। भोरंज से कांग्रेस विधायक सुरेश कुमार इस प्रस्ताव को सदन के पटल पर रखेंगे। ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौड़ इसका समर्थन करेंगे। बता दें कि शिव प्रताप शुक्ल का तबादला तेलंगाना हो गया है। अब हिमाचल की कमान नए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता के हाथों में है।

सब्सिडी और नई योजनाओं का गणित

हिमाचल सरकार फिलहाल बिजली, राशन और बस किराए पर भारी सब्सिडी दे रही है। हर साल करीब 2100 करोड़ रुपये इन सुविधाओं पर खर्च होते हैं। पिछले साल मुख्यमंत्री ने टैक्स फ्री बजट पेश कर सबको चौंका दिया था। हालांकि, इस बार आर्थिक हालात और राजस्व घाटे को देखते हुए कड़े फैसलों की उम्मीद है। जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या मुख्यमंत्री पुरानी सब्सिडी जारी रखेंगे या नई जनकल्याणकारी योजनाओं का एलान करेंगे।

सियासी माहौल और केंद्र से खींचतान

सत्र के पहले हिस्से में राजस्व घाटा अनुदान बंद होने पर केंद्र के खिलाफ प्रस्ताव पारित हुआ था। पूर्व राज्यपाल ने भी अभिभाषण के दौरान केंद्र पर की गई टिप्पणियों पर आपत्ति जताई थी। अब नए राज्यपाल के कार्यकाल में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तकरार बढ़ने के आसार हैं। सदन में प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी दल सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में हैं। 21 मार्च का दिन राज्य की भविष्य की दिशा तय करेगा।

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