स्टेट मेंटल हेल्थ अथॉरिटी और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के साइकोलॉजी विभाग ने पिछले दिनों हिमाचल में एक सर्वे किया। जिसमें पाया गया कि लॉक डाउन के दौरान वितीय समस्याओं, तनाव, नशे का सेवन, स्वास्थ्य परेशानी, प्रेम प्रसंगों और पारिवारिक समस्याओं से दुखी होकर हिमाचल के लगभग 500 से ज्यादा युवां ने आत्महत्या कर ली। इनमें से बहुत से लोग डिप्रेशन का शिकार थे, जो हालात को नही संभाल पाए और उन्हीने आत्महत्या जैसे कदम उठा लिए। जानकारी दी गई है कि इन में ज्यादा युवा था और 18 से 25 साल की उम्र के थे।

यह एक मोबाइल के माध्यम से किया गया सर्वे था जिसमें 75000 लोगों को सवाल भेजे गए थे। उनसे कम से कम 10 सवालों के जबाब मांगे गए थे। 5000 लोगों ने इस सर्वे में सवालों के जबाब दिए।

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