Business News: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को निवेशकों के लिए अमंगल दिन रहा। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 800 अंकों की भारी गिरावट के साथ 82,504 के स्तर पर आ गया। वहीं निफ्टी ने 25,500 का अहम सपोर्ट लेवल तोड़ दिया और 25,482 पर फिसल गया। इस अचानक आई गिरावट से एक झटके में निवेशकों के 4.23 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा डूब गए हैं।
आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली
बाजार मेंसबसे ज्यादा गिरावट आईटी कंपनियों के शेयरों में देखने को मिली। अमेरिकी AI कंपनी एंथ्रोपिक के एक बयान के बाद आईटी सेक्टर में हाहाकार मच गया। कंपनी ने दावा किया कि उसका नया क्लॉड कोड टूल पुराने सॉफ्टवेयर सिस्टम को बेहद कम खर्च में अपडेट कर सकता है। इस खबर के बाद निफ्टी आईटी इंडेक्स सुबह साढ़े नौ बजे तक ही 3 फीसदी लुढ़क गया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी बिकवाली का दबाव रहा।
ट्रंप की चेतावनी से बढ़ी वैश्विक अनिश्चितता
बाजार पर वैश्विक संकेतोंका भी भारी दबाव रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ रद्द किए जाने के बाद भी अगर देशों ने नए व्यापार समझौतों से कदम पीछे खींचे, तो उन पर कड़े टैक्स लगाए जाएंगे। ट्रंप के इस बयान के बाद वॉल स्ट्रीट में भारी गिरावट देखने को मिली, जिसका असर एशियाई बाजारों के साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा।
कच्चा तेल महंगा, रुपया कमजोर
निवेशकोंके लिए एक और बुरी खबर यह रही कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें एक फीसदी उछलकर 72.13 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं। महंगा तेल भारत के आयात बिल को बढ़ाएगा और महंगाई को बढ़ावा दे सकता है। वहीं डॉलर के मुकाबले रुपया भी 7 पैसे कमजोर होकर 90.96 पर आ गया। आज निफ्टी डेरिवेटिव्स की साप्ताहिक एक्सपायरी भी है, जिससे बाजार में दिन भर भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

