Himachal News: हिमाचल प्रदेश में कुदरत के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां पहाड़ों पर बर्फबारी और ओलावृष्टि ने ठंड बढ़ा दी है। वहीं दूसरी तरफ निचले मैदानी इलाकों में सूरज की तपिश और भीषण गर्मी ने लोगों का जीना बेहाल कर दिया है। मौसम विभाग ने अब राज्य में लू का अलर्ट जारी किया है।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानों में खिली तेज धूप
राज्य के पर्वतीय इलाकों में रविवार को मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला रहा। उच्च पर्वत श्रृंखलाओं पर बीती रात हल्की बर्फबारी दर्ज की गई। इसके उलट ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और सिरमौर जैसे मैदानी जिलों में सुबह से ही तीखी धूप खिली रही। इन निचले क्षेत्रों में लोग अब चिलचिलाती गर्मी का सामना कर रहे हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार पिछले चौबीस घंटों में कई जगह हल्की बारिश हुई। इस दौरान सुनिभज्जी में सबसे ज्यादा 23 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा जोत में 11, जोगिंद्रनगर में 8, फागू में 3 और कोकसर में 1.4 मिलीमीटर पानी बरसा। शिमला में ओलावृष्टि के साथ सिओबाग में 52 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से अंधड़ चला।
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से फिर बदलेगा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों ने 25 मई को भी अंधड़ और बारिश की संभावना जताई है। इसके बाद 26 से 28 मई तक अधिकांश हिस्सों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा। इसी अवधि में मैदानी इलाकों में लू चलने की गंभीर चेतावनी दी गई है। हालांकि 28 मई की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है।
इस नए सिस्टम के कारण 29 और 30 मई को सूबे में आंधी-तूफान का दौर फिर शुरू होगा। इस दौरान कुछ स्थानों पर 50 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से हवाएं चलेंगी। तापमान की बात करें तो कुकुमसेरी में न्यूनतम पारा सबसे कम 4.1 डिग्री रहा। वहीं राजधानी शिमला में 18 और पांवटा साहिब में सर्वाधिक 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
Author: Shilla Bhatia


