अभी तक देश में कोरोना जांच की रिपोर्ट का इंतजार करना पड़ रहा था। लेकिन अब कई शहरों में शवों के अंतिम संस्कार के लिए 15-15 घंटों की वेटिंग चल रही है। एक तरफ अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए बेड नाकाफी हैं, तो दूसरी तरफ श्मशानों में जगह कम पड़ने लगी है। कोरोना प्रोटोकॉल से हो रहे अंतिम संस्कार सरकारी आंकड़ों की हकीकत खुद-ब-खुद बयां कर रहे हैं।

गुरुवार को 8 राज्यों के सिर्फ 10 बड़े शहरों में ही कोरोना प्रोटोकॉल से 854 शवों का अंतिम संस्कार हुआ, जबकि इन शहरों में सरकारी आंकड़ों में सिर्फ 211 मौतें ही दर्ज हुईं। सरकार की मानें तो गुरुवार को देश में 1182 मौतें हुईं। जबकि सिर्फ 10 शहरों का यह आंकड़ा सरकारी दावों की पोल खोल रहा है। देश में एक दिन में सबसे ज्यादा मुंबई में 201 शवों का अंतिम संस्कार हुआ।

भोपाल में 112, लखनऊ में 105 और सूरत में 115 शवों का दाह संस्कार हुआ। लेकिन सरकारी आंकड़ों में क्रमश: 4, 26 और 26 मौतें ही दिखाई गईं। अब सवाल यह है कि यदि सरकारी आंकड़े सही हैं तो श्मशानों में जल रहे शव किसके हैं? गाजियाबाद की यह तस्वीर स्थिति की भयावह को दिखा रही है। यूपी में पंचायत चुनाव के बीच कोरोना नया रिकॉर्ड बना रहा है।

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