संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की जासूसी कराना गैर कानूनी, संविधान इजाजत नही देता : रमेश रॉव

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कांग्रेस प्रदेश सचिव रमेश रॉव ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि मोदी सरकार के नाक के नीचे हुए जासूसी कांड जिसमें राजनेता, पत्रकार, संवैधानिक पदों पर बैठे, जज, चुनाव आयोग और सरकार के ही मंत्रियों, संघ के लोग और अन्य लोगों की फोन टैपिंग और जासूसी के मामले पर इजराइली सॉफ्टवेयर पेगासस का इस्तेमाल हुआ, जोकि सरेआम लोकतंत्र की हत्या है, और देश पनप रही तानाशाही की तस्वीर का सच सामने आया है।

रमेश रॉव ने कहा भारतीय सुरक्षा एजेंसियां, न्यायपालिका, चुनाव आयुक्त और विपक्ष की जासूसी करना देशद्रोह और राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं तो क्या है? उन्होंने कहा लोकसभा चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार किस उद्देश्य से जासूसी करवा रही थी?
कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा इजरायल की एनएसओ कम्पनी द्वारा देश भर के संवैधानिक पदाधिकारियों, विपक्षी नेताओं, केन्द्रीय मंत्रीमंडल, वर्तमान और पूर्व सुरक्षा प्रमुख, पत्रकार और वकीलों के फोन टेपिंग कराना गैर कानूनी है। जिसकी भारतीय संविधान इजाजत नही देता, ऐसा करना देशद्रोह की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी नही भारतीय जासूस पार्टी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी भाजपा की देष द्रोह नीतियों को बर्दाश्त नही करेगी और इसका कांग्रेस सड़क से संसद विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि देश भर में 300 लोगों की फोन जासूसी की रिपोर्ट सामने आने पर मोदी सरकार और केन्द्र गृहमंत्री का असली चेहरा सामने आ गया है जो अपने फायदे के लिए दुनियां में भारत का नाम कलंकित कर रहे है।

उन्होंने कहा फोन जासूसी कांड के बारे में इससे पहले 2019 में व्हाट्सएप डेटा के लीक होने की खबर इसी सरकार के होते सामने आई थी। रमेश राव ने कहा सरकार व देश की भी भलाई इसी में है कि मामले की गंभीरता को ध्यान में रखकर इसकी पूरी स्वतंत्र व निापक्ष जाँच यथाशीघ्र कराई जाए ताकि आगे जिम्मेदारी तय की जा सके।

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