यह है दुनिया की सबसे डरावनी और खतरनाक गुफा, लोग कहते है नर्क का द्वार

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इस दुनिया में कुछ ऐसी चीजें हैं, जिनका रहस्य आज भी बरकरार है। लेकिन आज विज्ञान ने काफी तरक्की कर ली है। लेकिन कुछ बातें आज भी उनके लिए अनसुलझे अतीत बनी हुई हैं।

वैज्ञानिकों ने इस पर काफी शोध किया लेकिन वे किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके। आज मैं आपको ऐसी ही एक जगह के बारे में बताने जा रहा हूं। तुर्की के हिरोपोलिस शहर के पास एक बहुत ही प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर में एक अंधेरी गुफा है। कहा जाता है कि इस गुफा के अंदर रहने वाला कोई भी व्यक्ति आज तक जीवित नहीं लौटा है। इसलिए लोग इसे नर्क का द्वार भी कहते हैं।

कोई जिंदा वापस नहीं आया
कहा जाता है कि तुर्की के शहर हिरापोलिस के पास प्लूटो का एक बहुत ही प्राचीन मंदिर है, जो आज भी एक रहस्य है। इस मंदिर में एक अंधेरी गुफा है। कहा जाता है कि आज तक वह इस गुफा के अंदर गया और जिंदा वापस नहीं आया। इस गुफा को मौत की गुफा कहना गलत नहीं होगा। स्थानीय लोग इसे नर्क का द्वार भी कहते हैं।

कार्बन डाइऑक्साइड की उच्च मात्रा
इस रहस्यमयी गुफा के बारे में वैज्ञानिक भी नहीं खोज पाए, ऐसा क्या है कि वहां से कोई वापस नहीं आ सकता। हालांकि उनका एक तर्क यह भी है कि गुफा के अंदर ऑक्सीजन की कमी है। चूंकि वहां कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा अधिक है, इसलिए जानवर अंदर नहीं रह सकते हैं। इसके साथ एक पौराणिक कथा जुड़ी हुई है। लोगों का मानना है कि ये मौतें ग्रीक देवता की जहरीली सांस के कारण हुई हैं।

कीड़े भी नहीं रहते
ऐसा कहा जाता है कि ग्रीक और रोमन काल में यहां चारों ओर देखने वालों के सिर काट दिए जाते थे। जिससे लोग यहां आने से डरते थे। हालांकि वैज्ञानिकों का दावा है कि उन्होंने यहां मौत के रहस्य को सुलझा लिया है। उनका तर्क है कि मंदिर के नीचे कार्बन डाइऑक्साइड गैस का लगातार रिसाव हो रहा है। एक अध्ययन में दावा किया गया है कि प्लूटो के मंदिर के नीचे की गुफा में 91 प्रतिशत तक कार्बन डाइऑक्साइड है। जिससे पशुओं की सांसें थम जाती हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस गुफा में इंसान दूर-दूर तक नहीं रह रहे हैं, जानवर और पौधे।

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