Shingnapur: भारत का अनोखा गांव जहां ताला नही लगाते लोग, खुले आम पड़ा होता है कीमती सामान

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जब भी हम घर से बाहर जाते हैं ताला लगाना कभी नहीं भूलते. क्योंकि ऐसा करने से हमें हमेशा चोरी का डर सताता रहता है. यही नहीं रुपये-पैसे और सोने-चांदी के आभूषण जैसी कीमती चीजों को तो हम तिजोरी के अंदर रखते हैं, क्योंकि की बार चोर घर का ताला तोड़कर भी चोरी की घटनाओं को अंजाम दे देते हैं.

ऐसे में तिजोरी को कीमतों चीजों के लिए सुरक्षित माना जाता है, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं जहां लोग आज भी अपने घरों में ताले नहीं लगाते, यही नहीं यहां के लोग अपनी कीमती चीजों तक को छिपाकर नहीं रखते. उनका मानना है कि उनके घर और सामान की रक्षा खुद शनिदेव करते हैं.

क्या है इस मंदिर का शनि प्रतिमा का इतिहास

दरअसल, महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में एक गांव है. जिसका नाम है शनि शिंगणापुर. इस गांव नें एक मंदिर स्थित है. जिसको शिंगणापुर के शनि मंदिर के नाम से जानते हैं. इस शनि मंदिर की विशेषता यह है कि यहां स्थित शनिदेव की पाषाण प्रतिमा बगैर किसी छत्र या गुंबद के खुले आसमान के नीचे संगमरमर के एक चबूतरे पर विराजित है. ये प्रतिमा करीब 5 फीट 9 इंच ऊंची और एक फीट 6 इंच चौड़ी है.

गड़रिया को मिली थी शनिदेव की ये प्रतिमा

शनि शिंगणापुर, शनि के सभी मंदिरों में से सबसे अलग एवं सबसे अनूठा मंदिर है. शनि शिंगणापुर में स्थित इस मंदिर में विराजमान मूर्ति को स्वयंभू माना जाता है. इस प्रतिमा को लेकर एक कथा प्रचलित है जिसके अनुसार यह शिला एक गड़रिया को मिली थी. तब शनिदेव ने उसे आदेश दिया था कि इस प्रतिमा को किसी खुले परिसर में रखा जाए व इस पर तेल द्वारा अभिषेक किया जाए. प्रभु का ऐसा आदेश पाकर उसने इस प्रतिमा को यहां स्थापित किया तब से एक चबूतरे पर शनि देवजी का पूजन एवं तेल अभिषेक करने की परंपरा चली आ रही है.

शिंगणापुर गांव की खासियत ये है कि इस छोटे-से गांव में आज भी किसी घर में ताला या कुंडी नहीं लगाई जाती. इसके साथ ही लोगों को अपने कीमती सामान को किसी अलमारी या तिजोरी में भी नहीं रखनी पड़ती. बल्कि वे लोग अपने कीमती सामान को भी खुले में ही रखते हैं. ऐसी मान्यता है कि केवल शनि भगवान जब इस गांव के रक्षक हैं. लोग मानते हैं की यदि कोई चोरी करता है तो वह इस गांव से बाहर भी नहीं जा पाता और उस पर शनि देव जी का कहर बरपता है. यहां आने वाले लोग भी अपने वाहनों को लॉक नहीं करते बल्कि बिना किसी परेशानी के अपने को सुरक्षित महसूस करते हैं.

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