इस देश में 13 साल के लड़के के साथ बड़ी उम्र की महिलाओं को गुजारनी पड़ती है रात, जानें क्या है कारण

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दुनिया में जितने देश हैं उतनी ही मान्यताएं भी हैं. हर देश में अलग-अलग प्रकार के रीति-रिवाजों का पालन किया जाता है. भले ही शहरी लोग उन रीति-रिवाजों का पालन ना करें, पर ग्रामीण और खासकर जनजातियां इनका पालन जरूर करती हैं.

ऐसी ही एक मान्यता दक्षिण प्रशांत महासागर के कुक आइलैंड (Cook Island, South Pacific Ocean) पर रहने वाली मनगाइया जनजाति (Mangaia tribe) में भी प्रचलित है जो आपको बेहद चौंकाने वाली लग सकती है. यहां किशोरावस्था (Little boys physical relation with older men) में ही बच्चों को बड़ी उम्र की महिलाओं के साथ रात गुजारनी पड़ती है!

मिडियम वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार साल 2016 तक कुक आइलैंड की आबादी 500 के करीब थी. यहां मनगाइया जनजाति रहती है जिनके रीति-रिवाज बेहद अजीबोगरीब (weird traditions of Mangaia tribe) और सवाल खड़े करने वाले हैं. सबसे विचित्र रिवाज कम उम्र के लड़कों से जुड़ा है जिन्हें शारीरिक संबंध बनाने की ट्रेनिंग दी जाती है. इस जनजाति में संबंध बनाना गर्व की बात मानी जाती है और बच्चों से लेकर बड़ों तक को इससे वंचित नहीं किया जाता. लड़कियों को करीब 13 साल की उम्र में, शादी से पहले ही कई पार्टनर्स बनाने की आजादी होती है जो उम्र में उनसे काफी बड़े होते हैं, पर लड़कों को ऐसा करने से पहले खास ट्रेनिंग दी जाती है.

13 साल की उम्र में दी जाती है ट्रेनिंग

मिडियम वेबसाइट के हिसाब से यहां 8 साल की उम्र से ही लड़कों को शारीरिक संबंध, उसके अच्छे-बुरे पहलु का ज्ञान देना शुरू कर दिया जाता है. जब वो 13 साल के होते हैं तो उनका खतना कर दिया जाता है पर चमड़ी को शरीर से अलग नहीं किया जाता. इसके बाद उन्हें महिलाओं के साथ संबंध बनाने की क्रियाओं के बारे में बताया जाता है और समाज में उनके किरदार की जानकारी दी जाती है.

ज्यादा उम्र की महिलाओं के साथ गुजारनी पड़ती है रात

इस ट्रेनिंग के बाद एक खास तरह के जलसे का आयोजन किया जाता है जिसमें लड़कों की जानकारी का परीक्षण होता है. पर हैरानी की बात ये है कि उन्हें हम उम्र लड़कियों के साथ नहीं, बल्कि अपने से ज्यादा उम्र की औरतों के साथ रात गुजारनी पड़ती है. ऐसा इसलिए किया जाता है जिससे महिलाएं उनके ज्ञान और जानकारी को परख सकें और उन्हें भविष्य के लिए बेहतर कर सकें, साथ ही महिलाओं के शरीर से जुड़े पहलु भी समझा सकें. इस पूरी प्रक्रिया के बाद युवकों को मर्द माना जाता है. इस मान्यता का करण यही है कि इससे लड़कों को जनजाति में सम्मान और मर्द का दर्जा दिया जाता है.

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