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कोरोना पीड़ित बेटा पीपी किट में पहुंचा पिता का अंतिम संस्कार करने शमशान घाट

हिमाचल प्रदेश में जारी कोरोना वायरस के कहर के बीच रोजाना दर्जनों लोगों की जान जा रही है। वहीं, इस महामारी के दौर में जा रही ये जानें अपने साथ ही साथ अपने पीछे एक किस्सा भी छोड़कर जा रही हैं। 

इसी कड़ी में ताजा मामला मंडी जिले के नेरचौक से सटे छात्र गांव से सामने आया है। जहां पर प्रशासन और ग्रामीणों की मदद से कोरोना संक्रमित युवक पीपीई किट अपने बुजुर्ग पिता की चिता को मुखाग्नि देने के लिए पहुंचा। 

बतौर रिपोर्ट्स, एसडीएम के प्रयासों और ग्रामीणों के सहयोग से पूरे रीति-रिवाज से बुजुर्ग का अंतिम संस्कार किया गया। बुधवार रात को 82 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। मौत के बाद रैपिड टेस्ट में बुजुर्ग की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। संक्रमित 36 वर्षीय बेटा कोविड अस्पताल रत्ति में स्वास्थ्य लाभ ले रहा था। 

गांव में बुजुर्ग की मौत की खबर मिलते ही बुद्धिजीवी लोग धर्म सिंह ठाकुर, नेत्र सिंह शास्त्री, किशनचंद, गुलाब सिंह, पवन टोडर और किशोरी लाल ने सरकार के निर्देशों के अनुसार पूरे रीति-रिवाज से बुजुर्ग का अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। एसडीएम तक बात पहुंचने पर उन्होंने रत्ति कोविड अस्पताल के प्रभारी से समन्वय स्थापित किया और बुजुर्ग के संक्रमित बेटे को श्मशानघाट तक पहुंचाने की व्यवस्था की। 

गांव के लोगों ने श्मशानघाट में लकड़ी इकट्ठी की। मृतक के बेटे ने पीपीई किट पहनकर पिता को मुखाग्नि दी और रस्मों को निभाया। इस बारे में अपनी बात रखते हुए एसडीएम नेरचौक आशीष शर्मा ने बताया कि सूचना मिली थी घर में एक बुजुर्ग की मौत हो गई है। उनका बेटा भी संक्रमित है। 

ग्रामीणों ने कोविड नियमों की अनुपालना के साथ अंतिम संस्कार की अनुमति मांगी थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग से संपर्क साधकर बुजुर्ग के बेटे को पीपीई किट पहनकर मुखाग्नि देने के लिए भेजा गया और पूरे रीति-रिवाज के साथ बुजुर्ग का अंतिम संस्कार किया गया।

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