मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के गोरीपुरा में सराफा कारोबारी विनोद वर्मा के बेटे कृष्ण कुमार की गोलाबारी की सनसनीखेज वारदात को जिसने भी देखा, उसकी रूह कांप गई। हत्यारोपी कृष्ण के हाथ में उसकी लाइसेंसी पिस्टल थी। उसने पहली गोली अपने पिता विनोद वर्मा के सीने में मारी।

घर में चीख पुकार मची तो कृष्ण बोला कि आज कोई नहीं बचेगा। सबको मार दूंगा। उसके बाद दो गोली मां और पत्नी पर चला दी। गनीमत रही दोनों गोली किसी को नहीं लगी। इस बीच गोलियां की आवाज सुनकर घर के बाहर लोगों की भीड़ लग गई। भीड़े के शोर मचाने पर कृष्ण ने लहूलुहान पिता और खुद को कमरे में बंद कर लिया। एक घंटे तक कोई व्यक्ति घर में घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।

वारदात के वक्त कृष्ण लाइसेंसी पिस्टल हाथ में लेकर चिल्ला-चिल्ला कर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दे रहा था। कह रहा था कि इस पैसे को तुम ऊपर भगवान के पास ले जाना। किसी को आभास नहीं था कि कृष्ण हत्या करने हद तक जा सकता है। वह पत्नी कोमल वर्मा को बार-बार धमकी दे रहा था कि पैसा दिलवा दें, अन्यथा वह आज सबको मार देगा।

कृष्ण ने पत्नी से मारपीट की तो विनोद वर्मा उनके कमरे में पहुंचे गए। तभी कृष्ण ने पिता के सीने में पिस्टल से गोली मार दी। गोली लगते ही विनोद जमीन पर गिर पड़े। गोली की आवाज सुनकर विनोद की पत्नी माया वर्मा दौड़कर कमरे में पहुंची। तभी कृष्ण ने दो ओर गोली उन पर और पत्नी पर चलाईं।

कृष्ण के रवैये को देखकर सास-बहू दहशत में आ गईं। दोनों बच्चों को लेकर कमरे से निकल गईं, तभी कृष्ण ने अंदर से कुंडी लगा ली। तब तक आसपास के लोगों की भीड़ लग गई थी लेकिन घर में घुसकर कृष्ण को पकड़ने का साहस कोई नहीं जुटा पाया। पुलिस भी पहुंची तो उसने फिर गोली चला दी।

पिता को गोली मारकर कृष्ण ने उसको भी कमरे में बंद कर लिया। लहूलुहान पिता कमरे में तड़पता रहा और अंतत: वहीं पर तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। उसकी पत्नी और मां बाहर से चिल्ला रहीं थीं कि घर का नाश हो गया है…अपने पिता को अस्पताल तक जाने दें, अन्यथा उनकी मौत हो जाएगी। कृष्ण ने किसी की नहीं सुनी और कमरे में अंदर बैठा रहा। पुलिस पर फायरिंग करने के बाद वह कमरे से निकल कर दूसरी मंजिल पर पहुंच गया था।

हत्यारोपी बेटे के पास लाइसेंसी पिस्टल है, वह ओर भी वारदात कर सकता है। इसी डर से पुलिस ने सराफ के साथ पत्नी और मां समेत परिवार के अन्य लोगों को घर से निकाला। उसके बाद कृष्ण घर में अकेला रहा। पुलिस उसे पकड़ने में लगी रही। घर के बाहर भीड़ लगी थी। पुलिस बार-बार लोगों से अपील कर रही थी कि वहां से हट जाएं। हत्यारोपी फिर से गोली चला सकता है। बाद में पुलिस ने हत्यारोपी को घर से ही दबोच लिया।

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