Gujarat News: प्रधानमंत्री Narendra Modi 11 जनवरी को गुजरात के ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर का दौरा करेंगे। यह यात्रा बेहद खास मानी जा रही है। सोमनाथ मंदिर पर पहले विदेशी आक्रमण के 1,000 साल पूरे हो रहे हैं। इस मौके पर ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि 8 से 11 जनवरी तक यहां कई आध्यात्मिक कार्यक्रम होंगे। पीएम मोदी ने इस अवसर पर एक ब्लॉग भी लिखा है। इसमें उन्होंने मंदिर के इतिहास और भारत की ताकत का जिक्र किया है।
1000 साल और अदम्य साहस
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने ब्लॉग में लिखा कि सोमनाथ मंदिर हमारी सभ्यता की कभी न हारने वाली भावना का प्रतीक है। साल 1024 में महमूद गजनवी ने यहां हमला किया था। इस घटना को अब एक हजार साल हो चुके हैं। पीएम ने कहा कि विदेशी आक्रमणकारी आज इतिहास की धूल बन गए हैं। उनका नाम अब केवल विनाश के प्रतीक के रूप में लिया जाता है। दूसरी तरफ, सोमनाथ मंदिर तमाम हमलों के बाद भी आज पूरी शान से खड़ा है।
नेहरू पर साधा निशाना
पीएम मोदी ने अपने ब्लॉग में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि नेहरू 1951 में मंदिर के उद्घाटन को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं थे। उस समय के राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने नेहरू की राय से अलग जाकर मंदिर का उद्घाटन किया था। मोदी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने 1947 में मंदिर को फिर से बनवाने का संकल्प लिया था। पटेल का वह सपना आज भव्य रूप में हमारे सामने है।
सरदार पटेल का सपना हुआ पूरा
पीएम Narendra Modi ने याद दिलाया कि आजादी के बाद सरदार पटेल ने सोमनाथ के पुनर्निर्माण में अहम भूमिका निभाई थी। पटेल ने दिवाली के मौके पर सोमनाथ की दुर्दशा देखी थी और वहीं इसके निर्माण की कसम खाई थी। हालांकि, उद्घाटन के समय पटेल जीवित नहीं थे। पीएम ने कहा कि सोमनाथ की कहानी हमें बताती है कि आस्था में सृजन की शक्ति होती है। घृणा और कट्टरता कुछ समय के लिए विनाश कर सकती है, लेकिन वह आस्था को नहीं मिटा सकती।
विकसित भारत का संकल्प
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया भारत की ओर उम्मीद से देख रही है। हमारी संस्कृति, योग और आयुर्वेद का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है। मोदी ने कहा कि अगर टूटा हुआ सोमनाथ फिर से खड़ा हो सकता है, तो हम भी एक समृद्ध भारत बना सकते हैं। उन्होंने देशवासियों से एक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेने की अपील की। आज का भारत सदियों की गुलामी से उबरकर विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
