सोलन वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़ा: 40 से अधिक गाड़ियों का खेल, मास्टरमाइंड क्लर्क सस्पेंड, जानिए कैसे खुला राज

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सोलन में वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़ा मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। निदेशक लैंड रिकॉर्ड ने आरएलए सोलन के तत्कालीन रजिस्ट्रेशन क्लर्क को निलंबित कर दिया है। सस्पेंड किए गए क्लर्क का मुख्यालय अब डीसी कार्यालय सोलन तय किया गया है। डीसी मनमोहन शर्मा ने इस पूरी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि की है। यह एक्शन एसडीएम सोलन की जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। इस पूरे घोटाले में यूपी नंबर के कई ट्राले फर्जी तरीके से हिमाचल में पंजीकृत किए गए थे।

कैसे शुरू हुआ फर्जीवाड़े का खेल?

जनवरी के अंतिम सप्ताह में आरएलए सोलन में यह मामला उजागर हुआ था। एसडीएम डॉ. पूनम बंसल ने 27 जनवरी को सदर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया गया कि यूपी नंबर के तीन ट्राले फर्जी तरीके से पंजीकृत हुए। इन वाहनों को आरएलए बिलासपुर में ट्रांसफर भी कर दिया गया। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी थी। इसके साथ ही एसडीएम ने भी विभागीय जांच बैठा दी थी।

पोर्टल हैक कर बनाई फर्जी आईडी

विभागीय जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। वाहन पोर्टल में एडमिन के मोबाइल नंबर को बदल दिया गया था। वहां पर रजिस्ट्रेशन क्लर्क का मोबाइल नंबर डाला गया था। इसके बाद दो फर्जी आईडी बनाई गईं। इन फर्जी आईडी के जरिए इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया। जांच में सामने आया कि ये फर्जी आईडी 29 अक्तूबर को बनी थीं। इसके बाद जनवरी मध्य तक 40 से अधिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन किया गया।

कई शहरों तक फैले फर्जीवाड़े के तार

इन 40 फर्जी वाहनों को प्रदेश के कई आरएलए में ट्रांसफर किया गया। इनमें आरएलए झंडूता, बिलासपुर और नूरपुर शामिल हैं। एसडीएम ने सख्त कार्रवाई करते हुए इन वाहनों की ट्रांजैक्शन ब्लॉक कर दी। इन्हें पोर्टल पर ‘नॉट टू बी ट्रांजैक्टेड’ श्रेणी में डाल दिया गया। इसके अलावा संबंधित आरएलए को भी पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है। एसडीएम ने इस मामले के खुलते ही क्लर्क को पद से हटा दिया था।

पुलिस एसआईटी कर रही मामले की जांच

जांच शुरू होने पर क्लर्क ने फाइलें देने में काफी आनाकानी की थी। दबाव बढ़ने पर उसने बाहरी पंजीकरण का बहाना बनाया। उसी दौरान बिलासपुर में भी ऐसा ही मामला सामने आ गया। इसके बाद डीसी सोलन ने रिपोर्ट निदेशक लैंड रिकॉर्ड को भेजी। डीसी कार्यालय कर्मचारियों का अब स्टेट काडर बन चुका है। इसलिए निलंबन की कार्रवाई निदेशक लैंड रिकॉर्ड ने की है। एसपी सोलन ने मामले की जांच के लिए डीएसपी अशोक चौहान की अध्यक्षता में एसआईटी बनाई है। अब एसआईटी इस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।

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