Viral News: सोशल मीडिया पर एक वीडियो भावनाओं का सैलाब ला रहा है। यह एक ऐसे पिता की मार्मिक अंतिम विदाई को दर्शाता है जो साइनोवियल सारकोमा नामक दुर्लभ कैंसर से लड़ हार गया। अपनी पत्नी और दो छोटे बच्चों से अस्पताल के बिस्तर पर बिदा होने के ये क्षण दर्शकों की आंखें नम कर रहे हैं। इस वीडियो ने इंटरनेट पर लाखों लोगों को झकझोर दिया है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि पिता अस्पताल के बिस्तर पर कमजोर अवस्था में हैं। उनकी छोटी बेटी उनके सीने से लिपटी हुई है। बच्ची को इस बात का आभास नहीं है कि यह उसके पिता के साथ अंतिम बारी है। पिता की आंखें लगातार आंसू बहा रही हैं। वह बार-बार बेटी के माथे को चूमते हैं।
जब उनका बेटा बिस्तर के पास आता है तब पिता का दिल टूट जाता है। वह फूट-फूट कर रोने लगते हैं। वह कुछ बोलना चाहते हैं लेकिन शायद शब्द गले में अटक जाते हैं। बीमारी की कमजोरी उन्हें खामोश कर देती है। उनकी आंखों में बच्चों का भविष्य देख न पाने का दर्द साफ झलकता है।
वीडियो के अंतिम हिस्से में पत्नी अपने पति को गले लगाती है। इस दौरान ऐसा प्रतीत होता है कि उन्होंने अपने प्रियजनों की बाहों में ही अंतिम सांस ली। यह दृश्य दिल को चीर देने वाला है। परिवार के सदस्यों का दर्द वीडियो के माध्यम से सीधे दर्शकों के दिल तक पहुंच जाता है।
साइनोवियल सारकोमा क्या है
साइनोवियल सारकोमाएक दुर्लभ प्रकार का कैंसर है। यह शरीर के नरम ऊतकों में होता है। यह अक्सर जोड़ों के पास के ऊतकों को प्रभावित करता है। इसका इलाज बहुत चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इस बीमारी के बारे में जागरूकता कम होने से मरीजों को समय पर सही इलाज नहीं मिल पाता।
यह बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है। हालांकि युवा वयस्कों में इसके मामले अधिक देखे जाते हैं। इस कैंसर के लक्षणों में दर्द रहित गांठ या सूजन शामिल है। लक्षण धीरे-धीरे बढ़ते हैं इसलिए लोग अक्सर इसे नजरअंदाज कर देते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
यह वीडियोपहले एक्स प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया। एक यूजर ने इसे अपने हैंडल से पोस्ट किया। वीडियो को अब तक लाखों बार देखा जा चुका है। इस पर हजारों कमेंट आ चुके हैं। लोग अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
नेटिजन्स इस वीडियो को देखकर गहरे दुख में डूब गए। एक यूजर ने लिखा कि इस पल में पिता की सिर्फ एक ही ख्वाहिश होगी। वह जीने का एक और मौका चाहते होंगे। एक अन्य यूजर ने परिवार के साहस की प्रशंसा की।
कई लोगों ने जीवन की नश्वरता पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि हर पल को जीने का महत्व समझना चाहिए। कुछ लोगों ने इस दुर्लभ कैंसर के बारे में जानकारी मांगी। वे इस बीमारी के बारे में अधिक समझना चाहते थे।
परिवार पर पड़ने वाला प्रभाव
ऐसीत्रासदी का परिवार पर गहरा मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ता है। बच्चों को अपने पिता के निधन का सदमा झेलना पड़ता है। पत्नी को अचानक हुए नुकसान से उबरने में लंबा समय लग सकता है। ऐसे में परिवार के सदस्यों को भावनात्मक समर्थन की सख्त जरूरत होती है।
समाज और रिश्तेदारों की भूमिका ऐसे समय में बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। परिवार को न केवल आर्थिक बल्कि मानसिक सहारे की आवश्यकता होती है। बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के प्रयास भी जरूरी हो जाते हैं।
कैंसर के मरीजों के लिए सहायता
ऐसेमामले कैंसर रोगियों और उनके परिवारों के संघर्ष को उजागर करते हैं। दुर्लभ कैंसर से पीड़ित मरीजों को विशेषज्ञ इलाज की आवश्यकता होती है। भारत में कई संस्थाएं कैंसर रोगियों की मदद के लिए काम कर रही हैं।
सरकारी और गैर-सरकारी संगठन मरीजों को वित्तीय सहायता प्रदान करते हैं। कुछ संस्थान मुफ्त चिकित्सा परामर्श भी देते हैं। जागरूकता बढ़ाने से रोग का शीघ्र पता लगाने में मदद मिल सकती है। शीघ्र निदान से इलाज की सफलता की संभावना बढ़ जाती है।
इस वीडियो ने लोगों के मन में जीवन के प्रति एक नई संवेदनशीलता जगाई है। यह घटना याद दिलाती है कि स्वास्थ्य सबसे बड़ा धन है। परिवार के साथ बिताए गए छोटे पल भी बहुत कीमती होते हैं। यह दुखद घटना लाखों लोगों के लिए एक गहरी सीख बन गई है।

