Business News: चांदी की कीमतों में जारी तेजी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। घरेलू बाजार में आज चांदी का भाव और बढ़ गया है। हालांकि एमसीएक्स पर इसकी कीमतों में थोड़ी कमी देखी गई। निवेशकों ने रिकॉर्ड ऊंचाई पर लाभ कब्जाई करना शुरू कर दिया है। पिछले चार दिनों में चांदी महंगी होने का सिलसिला जारी रहा।
इस अवधि में चांदी के भाव में पच्चीस हजार रुपये की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। पिछले दो दिनों में ही कीमत पंद्रह हजार रुपये प्रति किलो बढ़ गई। आज चांदी का राष्ट्रीय औसत भाव दो लाख पचहत्तर हजार रुपये प्रति किलो है। यह कल के भाव से पांच हजार रुपये अधिक है।
शहरवार चांदी के भाव में अंतर
विभिन्न शहरोंमें चांदी के भाव में कुछ अंतर देखने को मिल रहा है। मुंबई और दिल्ली में चांदी का भाव दो लाख पचहत्तर हजार रुपये प्रति किलो है। कोलकाता और बैंगलोर में भी यही कीमत है। जयपुर में भी चांदी का भाव इसी स्तर पर कारोबार कर रहा है। प्रति दस ग्राम के हिसाब से यह कीमत दो हजार सात सौ पचास रुपये बैठती है।
चेन्नई और हैदराबाद में चांदी थोड़ी महंगी है। यहां चांदी का भाव दो लाख बानवे हजार रुपये प्रति किलो है। प्रति दस ग्राम की कीमत दो हजार नौ सौ बीस रुपये है। शहरों के बीच यह अंतर स्थानी्य करों और परिवहन लागत के कारण होता है। हर शहर का भाव स्थानीय मांग और आपूर्ति पर निर्भर करता है।
एमसीएक्स पर चांदी में सुधार
मंगलवार कोभारतीय वस्तु बाजार एमसीएक्स पर चांदी में मामूली गिरावट देखी गई। चांदी का भाव पिछले बंद भाव से शून्य दशमलव सात प्रतिशत नीचे आ गया। यह गिरावट मुनाफा कब्जाई के कारण आई है। निवेशकों ने रिकॉर्ड ऊंचाई पर लाभ लेने का फैसला किया। इससे कीमतों पर दबाव पड़ा।
चांदी का भाव दो लाख अड़सठ हजार सात सौ एक रुपये प्रति किलो पर खुला। यह पिछले बंद भाव से थोड़ा ऊपर था। लेकिन ट्रेडिंग के दौरान यह दो लाख अड़सठ हजार सात सौ इक्यासी रुपये पर आ गया। बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। निवेशक आगे की दिशा को लेकर सतर्क हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों से संकेत
वैश्विक बाजारोंमें चांदी का भाव मजबूत बना हुआ है। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी ने कीमती धातुओं को समर्थन दिया है। औद्योगिक मांग में वृद्धि भी एक सकारात्मक कारक है। सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में चांदी की खपत बढ़ रही है। यह बाजार के लिए एक अच्छा संकेत है।
केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीदारी भी चांदी को प्रभावित करती है। निवेशक सोने के साथ-साथ चांदी में भी पैसा लगा रहे हैं। भू-राजनीतिक तनाव ने सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ाई है। ये सभी कारण चांदी की कीमतों को ऊपर रखने में मददगार हैं। आने वाले दिनों में यह ट्रेंड जारी रह सकता है।
भविष्य में बाजार का रुख
विश्लेषकोंका मानना है कि चांदी में तेजी अभी और जारी रह सकती है। हालांकि अल्पकालिक सुधार आम बात है। तकनीकी रूप से चांदी बहुत ओवरबॉट क्षेत्र में पहुंच गई थी। इसलिए मुनाफा कब्जाई स्वाभाविक थी। निचले स्तरों से फिर से खरीदारी शुरू हो सकती है।
निवेशकों को सलाह है कि वे सतर्क रहें। बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले विशेषज्ञ की राय जरूर लें। लंबी अवधि के लिए चांदी एक अच्छा निवेश माना जाता है। लेकिन अल्पकाल में अस्थिरता से बचने के लिए सावधानी जरूरी है।
