New Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों में है। यहां लगे विवादित नारों पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बहुत तीखा हमला बोला है। फडणवीस ने गुस्से में कहा कि JNU News में पैदा हुई ‘शरजील इमाम की औलादों’ के इरादों को हम पूरी तरह कुचल देंगे। यह बयान तब आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगा मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से मना कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हुआ बवाल
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश के आरोप में बंद उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इस फैसले के विरोध में जेएनयू कैंपस में प्रदर्शन हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए गए। इसी घटना पर सवाल पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा, “हम जेएनयू में पैदा शरजील इमाम की इन औलादों के इरादों को कुचल देंगे।”
53 लोगों की गई थी जान
मामले की गंभीरता को समझना जरूरी है। फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी के विरोध के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भयानक दंगे हुए थे। इन दंगों में 53 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी। इसके अलावा 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। पुलिस का मानना है कि इन दंगों के पीछे एक गहरी साजिश थी। इसी मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम जेल में बंद हैं।
JNU प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी
विवाद बढ़ते देख JNU News प्रशासन भी तुरंत हरकत में आ गया है। यूनिवर्सिटी ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की राष्ट्रविरोधी गतिविधि को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर कहा कि यूनिवर्सिटी नए विचारों का केंद्र है, इसे नफरत की प्रयोगशाला नहीं बनने दिया जाएगा। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दोषी छात्रों पर गिरेगी गाज
जेएनयू प्रशासन ने चेतावनी दी है कि इस घटना में शामिल छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर छात्रों को तुरंत सस्पेंड किया जा सकता है। इसके अलावा उन्हें यूनिवर्सिटी से निष्कासित (Expel) करने और हमेशा के लिए प्रतिबंधित करने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बोलने की आजादी का मतलब हिंसा या गैरकानूनी काम करना नहीं है।
