कोरोना महामारी के बीच पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने भी महामारी से बचाव के लिए विधानसभा का शीतकालीन सत्र टालने की सलाह दी है। शांता कुमार ने मुख्यमंत्री को फोन करके कहा है कि कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए विधानसभा सत्र को टाला जा सकता है। उधर जयराम ठाकुर ने पत्रकारों से बातचीत में भी बताया कि विधानसभा सत्र को लेकर निरंतर सुझाव आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार जल्द शिमला लौटेंगे। उनसे चर्चा के बाद जरूरी हुआ तो इसे कैबिनेट में ले जाया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि वीरभद्र सिंह पहले ही विधानसभा का शीतकालीन सत्र धर्मशाला में न करने का सुझाव मुख्यमंत्री को फोन करके दे चुके हैं। भाजपा नेता शांता कुमार की राय भी वीरभद्र सिंह से मिलती जुलती है। दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों की राय के बाद सरकार 7 से 11 दिसम्बर तक बुलाए गए विधानसभा सत्र को टाल सकती है। हालांकि इसके लिए सभी विधायकों से सवाल ले लिए गए हैं। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय भी सत्र को मंजूरी दे चुके हैं। विधानसभा सचिवालय प्रशासन सत्र की लगभग सभी तैयारियां कर चुका है।

सर्वदलीय बैठक में नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने हर हाल में सत्र बुलाने की मांग रखी थी। सीपीआईएम नेता राकेश सिंघा भी इसके पक्ष में हैं, लेकिन जिस तरह से कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं, उसे देखते हुए सत्र की उम्मीदें निरंतर कम होती जा रही हैं। हालांकि मुख्यमंत्री यह स्पष्ट कर चुके हैं कि यदि सत्र बुलाया गया तो धर्मशाला में ही होगा। इसलिए शायद शिमला में इसके होने की कम ही उम्मीदें हैं।

मुख्यमंत्री ने कोरोना संक्रमण रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ राजस्व विभाग को भी फील्ड में उतरने के निर्देश दिए हैं। तहसीलदार, कानूनगो, पटवारियों सहित महिला मंडलों व युवक मंडलों को लोगों को जागरूक करने के लिए बोला गया है।

By RIGHT NEWS INDIA

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