केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक बैंक कंसोटिर्यम के साथ तीन हजार 269 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में दिल्ली स्थित शक्तिभोग फूड्स लिमिटेड एवं इसके निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सीबीआई की ओर से दर्ज प्राथमिकी में मेसर्स शक्तिभोग फूड्स लिमिटेड के अलावा इसके प्रबंध निदेशक के. कृष्ण कुमार एवं अन्य निदेशकों – सिद्धार्थ कुमार एवं सुनंदा कुमार – को आरोपी बनाया गया है।

इन पर आरोप है कि इन्होंने भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व में 10 बैंकों के एक कंसोटिर्यम से करीब 3269 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। प्राथमिकी के अनुसार, निदेशकों ने न केवल बैंक खातों में फर्जीवाड़ा किया, बल्कि बैंकों से रकम निकालने के लिए जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। यह मामला भारतीय स्टेट बैंक की शिकायत पर दर्ज किया गया है।

24 साल से अपना कामकाज कर रही है शक्ति भोग फूड्स लिमिटेड
सीबीआई ने कहा है कि ऑडिट रिपोर्ट में सामने आए तथ्य कंपनी के द्वारा दिए जा रहे बयान से अलग हैं। एसबीआई का कहना है कि कंपनी के स्टॉक और ऑडिट रिपोर्ट से यह बात सामने आई है कि 2015 में कंपनी के गोदामों में 3,500 करोड़ रुपये से अधिका स्टॉक मौजूद था। आपको बता दें कि शक्ति भोग फूड्स लिमिटेड 24 साल से अपना कामकाज कर रही है। 31 मार्च, 2020 तक शक्ति भोग के ऊपर बैंकों का कुल 3269 करोड़ रुपये का बकाया है और इसमें अकेले एसबीआई का 1,903 करोड़ रुपये शामिल है.

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