Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में रेत माफिया का आतंक लगातार बढ़ रहा है। ब्यौहारी तहसील में अवैध रेत उत्खनन रोकने पहुंचे नायब तहसीलदार पर माफियाओं ने सीधा हमला किया। इस घटना का वीडियो खुद अधिकारी ने रिकॉर्ड किया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। वीडियो में माफियाओं द्वारा सरकारी अधिकारी को धमकाते हुए देखा जा सकता है।
यह पूरी घटना ब्यौहारी तहसील के खरपा तिराहे पर घटी। नायब तहसीलदार शनि द्विवेदी अपनी टीम के साथ रेत से लदे ट्रैक्टरों की जांच के लिए मौके पर मौजूद थे। तभी रेत माफियाओं ने उनकी सरकारी बोलेरो गाड़ी को जानबूझकर टक्कर मार दी। इसके बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार होने में कामयाब रहे।
जब अधिकारियों ने उनका पीछा किया तो ट्रैक्टर चालकों ने एक चालाकी की। उन्होंने सड़क पर रेत गिरा दी ताकि पीछा करने वाले वाहनों को रुकावट हो। इस दौरान एक बाइक सवार युवक ने नायब तहसीलदार को सीधे जान से मारने की धमकी भी दी। यह सारी घटना अधिकारी के मोबाइल कैमरे में कैद हो गई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला और जब्त किए ट्रैक्टर
घटना के बाद नायब तहसीलदार की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई हुई। ब्यौहारी पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों के नाम कामता बैस और अमरदीप बैस बताए जा रहे हैं। पुलिस ने अवैध रेत परिवहन में इस्तेमाल हो रहे छह ट्रैक्टरों को भी जब्त कर लिया है।
यह क्षेत्र पहले से ही रेत माफिया की हिंसक घटनाओं के लिए कुख्यात रहा है। पिछले साल इसी इलाके में एक पटवारी और एक एएसआई की सरेआम हत्या कर दी गई थी। उस घटना के बाद भी माफियाओं के हौसले पस्त नहीं हुए हैं। अब एक बार फिर सरकारी अधिकारी पर हमले ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना दिया है।
वीडियो में दिखी माफियाओं की बद्दमाशी
नायब तहसीलदार द्वारा रिकॉर्ड किया गया वीडियो अब सबूत के तौर पर सामने आया है। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि माफिया किस तरह खुलेआम अधिकारी को धमका रहे थे। वे न तो कानून से डरते दिखे और न ही प्रशासनिक तंत्र से। इस वीडियो के वायरल होने के बाद प्रशासन के लिए दबाव बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि रेत का अवैध कारोबार बड़े पैमाने पर चल रहा है। इसके पीछे शक्तिशाली गठजोड़ काम कर रहे हैं। पहले की घटनाओं में भी गिरफ्तार किए गए आरोपी जल्द ही जमानत पर बाहर आ जाते हैं। इससे माफिया का हौसला और बढ़ जाता है और वे और उग्र होकर सामने आते हैं।
प्रशासनिक अधिकारी पर हमले की गंभीरता
नायब तहसीलदार जैसे अधिकारी पर सीधा हमला प्रशासनिक व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती है। यह घटना दर्शाती है कि कानून के रखवाले भी अब अपनी सुरक्षा को लेकर आश्वस्त नहीं हैं। ऐसी स्थिति में आम नागरिकों की सुरक्षा का सवाल और भी गंभीर हो जाता है।
पुलिस का कहना है कि वह इस मामले में गहन जांच कर रही है। सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही अवैध रेत खनन पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने की योजना बनाई जा रही है। हालांकि अतीत के अनुभव बताते हैं कि यह लड़ाई आसान नहीं होगी।
स्थानीय प्रशासन को अब कड़े कदम उठाने की जरूरत है। केवल मामला दर्ज करना और कुछ ट्रैक्टर जब्त करना पर्याप्त नहीं होगा। रेत माफिया के पूरे नेटवर्क को उजागर करना और उसे तोड़ना समय की मांग है। तभी इस क्षेत्र में कानून का राज फिर से स्थापित हो पाएगा।

