Nainital News: उत्तराखंड के नैनीताल जिले में आदमखोर गुलदार (Leopard) की दहशत के कारण प्रशासन सख्त हो गया है। बच्चों की जान खतरे में न पड़े, इसलिए स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। जिलाधिकारी ने जिले के तीन संवेदनशील ब्लॉकों में अगले तीन दिनों तक सभी शिक्षण संस्थान बंद रखने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश 19 जनवरी से 21 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूल पूरी तरह बंद रहेंगे।
इन तीन ब्लॉकों में नहीं खुलेंगे स्कूल
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश पूरे जिले के लिए नहीं है। यह केवल उन क्षेत्रों के लिए है जहां जान का खतरा सबसे ज्यादा है। जिलाधिकारी ने धारी (Dhari), ओखलकांडा (Okhalkanda) और रामगढ़ (Ramgarh) विकासखंडों में छुट्टी के आदेश दिए हैं। इन इलाकों में गुलदार की सक्रियता काफी बढ़ गई है। इससे पहले भी सुरक्षा कारणों से यहां 15 से 17 जनवरी तक स्कूल बंद रखे गए थे। खतरा कम न होने पर अब छुट्टी को आगे बढ़ा दिया गया है।
जंगल के रास्तों से गुजरते हैं बच्चे
पहाड़ी इलाकों में विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बच्चे घने जंगलों और सुनसान पगडंडियों से होकर स्कूल जाते हैं। पिछले कुछ दिनों में धारी और ओखलकांडा ब्लॉक में गुलदार ने कई लोगों पर हमले किए हैं। इन हमलों में कुछ लोगों की जान भी गई है। ऐसे माहौल में बच्चों को पैदल स्कूल भेजना खतरे से खाली नहीं है। स्थानीय ग्रामीण डरे हुए हैं और गुलदार को पकड़ने की मांग कर रहे हैं।
सरकारी और प्राइवेट सभी स्कूलों पर नियम लागू
डीएम का यह आदेश इन तीन ब्लॉकों के सभी सरकारी, अर्ध-सरकारी और निजी स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा। प्रशासन बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहता। हालांकि, हल्द्वानी, लालकुआं और रामनगर जैसे मैदानी इलाकों में यह ‘वन्यजीव अलर्ट’ लागू नहीं है। वहां पहले ठंड के कारण छुट्टियां थीं, लेकिन अभी सख्ती केवल पहाड़ी क्षेत्रों में आदमखोर के डर को लेकर है।

