New Delhi News: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई (SBI) ने अपने करोड़ों ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है। बैंक ने पैसों के लेनदेन से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। अगर आपका खाता भी भारतीय स्टेट बैंक में है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। अब ऑनलाइन पैसे भेजना और एटीएम से कैश निकालना आपकी जेब पर भारी पड़ेगा। बैंक ने इन सेवाओं पर लगने वाले शुल्क को बढ़ा दिया है। ये नए नियम 15 फरवरी 2026 से लागू हो जाएंगे।
जेब पर पड़ेगा सीधा असर
बैंक ने मुख्य रूप से IMPS (तत्काल भुगतान सेवा) के चार्ज में बदलाव किया है। अब तक इंटरनेट बैंकिंग या योनो (YONO) ऐप के जरिए पैसे भेजना मुफ्त था। अब 25,000 रुपये से ज्यादा भेजने पर आपको चार्ज देना होगा। हालांकि, छोटे दुकानदारों और आम लोगों को थोड़ी राहत दी गई है। 25,000 रुपये तक के डिजिटल ट्रांजैक्शन पहले की तरह बिल्कुल मुफ्त रहेंगे।
नया शुल्क चार्ट इस प्रकार है:
- 25,000 से 1 लाख रुपये तक: 2 रुपये + जीएसटी
- 1 लाख से 2 लाख रुपये तक: 6 रुपये + जीएसटी
- 2 लाख से 5 लाख रुपये तक: 10 रुपये + जीएसटी
एटीएम से पैसा निकालना भी हुआ महंगा
एसबीआई ने ऑनलाइन ट्रांसफर के साथ-साथ एटीएम चार्ज भी बढ़ा दिए हैं। अगर आप दूसरे बैंक के एटीएम का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको ज्यादा पैसे देने होंगे। मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा खत्म होने के बाद अब 23 रुपये और जीएसटी चुकाना होगा। हालांकि, सैलरी अकाउंट (Salary Account) वालों के लिए राहत की खबर है। उन्हें हर महीने 10 बार मुफ्त ट्रांजैक्शन की सुविधा मिलती रहेगी।
किन लोगों को नहीं देना होगा चार्ज?
बैंक ने समाज के कुछ खास वर्गों को इन बढ़े हुए शुल्कों से दूर रखा है। इन विशेष खातों पर कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लगेगा:
- सेना और पुलिस कर्मियों के खाते (DSP, PMSP)।
- शौर्य फैमिली पेंशन अकाउंट।
- ‘SBI Rishtey’ (एसबीआई रिश्ते) विशेष बचत खाते।
बैंक अधिकारियों का कहना है कि ब्रांच से होने वाले कामकाज की फीस में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। यह बदलाव मुख्य रूप से डिजिटल और एटीएम सेवाओं को व्यवस्थित करने के लिए किया गया है।

