कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद से ही, पाकिस्तान के प्रधान मंत्री इमरान ख़ान पाकिस्तान समेत दुनिया के सभी विकासशील देशों के क़र्ज़ों को माफ़ करने, या इन सभी देशों को अपना क़र्ज़ चुकाने के लिए और अधिक समय देने की माँग करते रहे हैं।

पश्चिमी देशों के एक समूह पेरिस क्लब ने हाल ही में 1.7 अरब डॉलर क़र्ज़ चुकाने के लिए, पाकिस्तान को और समय देने की घोषणा भी की है। लेकिन एक तरफ़ जहां पाकिस्तान को क़र्ज़ अदायगी पर यह राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ़ पाकिस्तान के क़रीबी सहयोगी और भाई देश कहलाने वाले सऊदी अरब ने तीन अरब डॉलर क़र्ज़ जल्द लौटाने की माँग की है। जिसमें से पाकिस्तान ने चीन की मदद से दो अरब डॉलर दो क़िस्तों में वापिस कर दिए हैं. बाक़ी 1 अरब डॉलर भी जल्दी ही वापिस करने की उम्मीद है। अब सवाल यह है कि, क्या सऊदी अरब की तरफ़ से जल्द क़र्ज़ अदायगी की माँग पाकिस्तान के साथ नाराज़गी का इज़हार तो नहीं है?

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