Madhya Pradesh News: सतना में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक पति पर अपनी पत्नी की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। यह षड्यंत्र बैंक के पैंतीस लाख रुपये के ऋण से मुक्ति पाने के लिए रचा गया था।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बगहा इलाके में यह घटना घटित हुई। पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। उस पर भारतीय न्याय संहिता की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है।
ऋण की साजिश का विवरण
पुलिस के अनुसार आरोपी अनुराग त्रिपाठी मझगवां का निवासी है। पीड़िता पूर्णिमा त्रिपाठी वार्ड दस पश्चिम संत नगर में रहती थीं। पति ने पत्नी के नाम से एक फर्म पंजीकृत कराई थी।
इस फर्म के नाम पर बैंक से पैंतीस लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कराया गया। पूरी राशि पति ने स्वयं उपयोग कर ली। लेकिन कर्ज चुकाने की जिम्मेदारी पत्नी के नाम पर रही।
जहर देने की घटना
उन्नीस दिसंबर की रात आरोपी शराब के नशे में घर आया। उसने पत्नी को गाली दी और मारपीट की। इससे पूर्णिमा के चेहरे और मुंह पर गंभीर चोटें आईं। अगले दिन फिर विवाद हुआ।
आरोपी ने बाथरूम में रखी फिनायल की गोलियां पीसी। इस मिश्रण को पानी में मिलाकर पत्नी को जबरदस्ती पिलाया। इस दौरान उसने कहा कि पत्नी के मरने से ऋण माफ हो जाएगा।
परिवार ने बचाई जान
जहरीला पानी पीने के बाद पूर्णिमा की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तेज उल्टियां होने लगीं। होश में आने पर उन्होंने अपने पिता को फोन किया। परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे।
पीड़िता को बिरला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उनका इलाज किया गया। चिकित्सकीय जांच में जहर की पुष्टि हुई। अब उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस कार्रवाई
पीड़िता ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुरानी मारपीट की तस्वीरें साक्ष्य के रूप में सौंपीं। सिविल लाइन थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।
आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने उसे जेल भेजने का आदेश दिया। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
पिछली शिकायतें
पीड़िता ने बताया कि शादी के बाद से ही मारपीट चल रही थी। उन्होंने पहले भी थाना जसो में शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
पति शराब के नशे में हिंसक व्यवहार करता था। आर्थिक समस्याओं के कारण तनाव बढ़ गया था। ऋण की जिम्मेदारी ने स्थिति और बिगाड़ दी।
विवाहित जीवन की पीड़ा
पीड़िता का कहना है कि उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जाता था। शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न की घटनाएं आम थीं। पति का व्यवहार हिंसक और निर्दयी था।
ऋण की समस्या ने संबंधों में और दरार डाल दी। पति ने ऋण राशि का दुरुपयोग किया था। कर्ज चुकाने का दबाव पत्नी पर डाला गया।
कानूनी प्रक्रिया
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है। अब न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
पीड़िता के बयान और चिकित्सकीय रिपोर्ट साक्ष्य के रूप में महत्वपूर्ण हैं। पुलिस अन्य सबूत भी इकट्ठा कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित सुनवाई की मांग की जा सकती है।
सामाजिक प्रतिक्रिया
इस घटना ने स्थानीय समुदाय में आक्रोश पैदा किया है। लोगों ने कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। महिला सुरक्षा और अधिकारों पर चिंता व्यक्त की गई है।
सामाजिक संगठनों ने पीड़िता को समर्थन देने का आश्वासन दिया है। वकीलों ने कानूनी सहायता प्रदान करने की पेशकश की है। समाज के विभिन्न वर्गों ने घटना की निंदा की है।
यह मामला पारिवारिक हिंसा और वित्तीय शोषण की गंभीरता को उजागर करता है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों और समाज को संवेदनशीलता दिखाने की आवश्यकता है। न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से पीड़िता को न्याय मिलना चाहिए।
