आजादी के 73 साल बाद भी हिमाचल के कई गांव सड़क सुविधा से वंचित हैं। इन्हीं में से एक है मंडी के सरकाघाट का रछोट गांव। जब भी कोई व्यक्ति बीमार होता है तो उसे चार किमी पैदल चारपाई पर उठाकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। सालों से ग्रामीण चार किमी सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन इनकी सुनने वाला कोई नहीं है। सड़क के अभाव में हाल ही में महिला की अस्पताल में मौत हो गई। इसे गांव तक पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को चार किमी पैदल सफर करना पड़ा।

महिला के शव को चारपाई से बांधकर गांव तक पहुंचाया गया। पाटी- रछोट तक चार किमी सड़क पंचायत के अधीन बननी है, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। इससे ग्रामीणों में रोष है। जान पर तो तब बन जाती है जब किसी बीमार को या बुजुर्ग को गांव तक लाना या अस्पताल तक पहुंचाना पड़ता है। लोगों को आज भी सामान सिर पर उठाकर ले जाना पड़ता है। आरोप है कि बार-बार स्थानीय विधायक और प्रधान के पास सड़क की मांग रखी गई, पर कुछ नहीं हुआ। 

ग्रामीणों में नरेंद्र शर्मा, पुष्पेंद्र शर्मा, शिवाजी, बलवंत शर्मा, रणजीत शर्मा, संजीव शर्म,  दलीप शर्मा, जगदीश शर्मा, महेंद्र शर्मा, रेवतराम शर्मा, विशाल चौहान, विक्रांत चौहान, अर्जुन, श्यामलाल, नरेश चंद, विनोद, चौहान, सुनील चौहान, ताराचंद, गुलाब चौहान, ओम चंद चौहान, देशराज शर्मा, राजकुमार शर्मा, प्रवीण शर्मा, विजय शर्मा, अनिल चौहान, दिलीप शर्मा, रोहित शर्मा, राजू, विक्की, सुनील आदि ने सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द उनके गांव के लिए सड़क नहीं बनी तो सभी ग्रामीण उग्र आंदोलन शुरू कर देंगे। 

सड़क के अभाव में झेल रहे दिक्कतें: दिनेश
पंचायत के प्रधान दिनेश कुमार का कहना है कि गांव की जनता को सड़क के अभाव में कई दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा हाल ही में वह प्रधान बने हैं और अब उनकी पूरी प्राथमिकता रहेगी कि इस गांव के लिए सड़क बनाई जाए। 

होगा हर संभव प्रयास: विधायक
विधायक कर्नल इंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि लोगों की समस्या का निदान किया जाएगा। इस गांव तक सड़क पहुंचाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।

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