गृहस्थ आश्रम को त्याग कर सन्यास आश्रम में आ चुके विकास दुबे उर्फ विद्या गिरी ने बेशक भगवा चोला तो धारण कर लिया लेकिन वह अपने दिल पर काबू नहीं रख पाया। पुलिस तफ्तीश में जो बात निकल कर सामने आई है वह यही है कि विकास दुबे युवती के साथ एकतरफा प्यार में पागल हो गया और जब उसे युवती की शादी तय होने की बात पता चली तो उसके अंदर का शैतान जाग गया और उसने एक जघन्य अपराध को अंजाम दे डाला। शुक्रवार को भारी पुलिस बल के बीच पुलिस उसे फिर से आश्रम लेकर गई जहां पर उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या के लिए प्रयोग की लोहे की रॉड व युवती का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया।

डीएसपी सृष्टि पांडेय व एसएचओ दर्शन सिंह भी लगातार उससे गहन पूछताछ कर रही थी और इस हत्याकांड के पीछे का जो राज विकास दुबे उर्फ विद्या गिरी ने बताया उसे सुनकर पुलिस भी हिल गई। भगवा वेश धारण करने के बाद भी वह अपनी इंद्रियों पर काबू नहीं रख पाया। क्योंकि युवती का आश्रम में आना-जाना लगा रहता था और विकास दुबे की उससे अच्छी पहचान हो गई थी। इसलिए वह कभी-कभी उसे भजन लिखकर देने को भी कहता था। दरअसल विकास दुबे किसी न किसी बहाने उक्त युवती के पास रहना चाहता था। वह अकसर युवती को किसी न किसी बहाने फोन भी करता रहता था। इसी बीच विकास दुबे उक्त युवती को एकतरफा प्यार करने लगा। जब उसे पता चला कि युवती की शादी तय हो गई है, तो वह विचलित हो उठा। जब आश्रम के महंत कुंभ स्नान के लिए हरिद्वार गए थे तो विकास दुबे ने युवती को फोन कर आश्रम बुलाया और अपने दिल की बात उसके आगे रख दी। अचानक आए इस प्रस्ताव से युवती विचलित हो गई और उसने इसकी शिकायत महंत जी से करने की धमकी दे डाली। इस बात से विकास दुबे सकपका गया और उसने युवती के सिर पर लोहे का राड से वार कर मौत के घाट उतार दिया। 

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