हिमाचल में संत कितने सुरक्षित है, इस बात का पता इसी बात से चल जाता है कि लगभग एक महीने से ज्यादा समय पहले ऊना में एक संत के साथ मारपीट की कोशिश के साथ डराया धमकाया गया और आधी रात को भगाया गया। लेकिन आज तक इस मामले में पुलिस और प्रशासन की ओर से कोई कार्यवाही नही हुई। इतना ही नही इस हादसे के शिकार संत प्रकाश दास मुनि जी महाराज चालीस दिन से अनशन पर है लेकिन आज तक कोई नेता या अधिकारी उनके हालात पूछने तक नही आया। जानकारी के मुताबिक पुलिस विभाग की ओर जांच के लिए अधिकारी आए थे लेकिन वहां संत के समर्थन में आए लोगों को बोलने तक से मना कर दिया गया।

आज इस संदर्भ में ऊना में यति सत्यदेवानंद सरस्वती जी महाराज की अध्यक्षता में बैठक की गई। बैठक में सरकार, प्रशासन और पुलिस के गैर जिम्मेदाराना रवैये पर रोष व्यक्त किया गया तथा मांग की गई कि 31 मार्च से पहले पहले इस मामले में कार्यवाही की जाए अन्यथा उपायुक्त कार्यालय के बाहर सभी संगठन मिल कर धरना प्रदर्शन करेंगे। मुनि प्रकाश दास जी महाराज ने कहा कि जब तक इस मामले में उनको न्याय नही मिलता तथा दोषियों के खिलाफ कार्यवाही नही होती तब तक वह अन्न ग्रहण नही करेंगे।

बैठक का वीडियो

यति सत्यदेवानंद सरस्वती जी महाराज ने हिमाचल के नेताओं को धिक्कारते हुए मांग की कि सबसे पहले धर्म आता है और धर्म संतों के सहारे टिका होता है। हिमाचल प्रदेश सरकार का संतों के प्रति इतना बेकार रवैया निदनीय है। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द से जल्द इस मामले में संज्ञान ले और संत को न्याय दिलाए अन्यथा 31 मार्च के बाद उपायुक्त ऊना के कार्यालय के बाहर सभी संगठनों के सहयोग से धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

बजरंग दल से बैठक में शामिल हुए संजीव चौहान बजरंगीं ने प्रशासन के संतों के प्रति रवैये की निंदा की और समस्त समाज से संतों की रक्षा के लिए आगे आने का आवाहन किया तथा सरकार, प्रशासन और सरकार को चेतावनी दी कि अगर संतों का अपमान करने वालों के खिलाफ कार्यवाही नही होती तो वह पूरे दलबल सहित धरना प्रदर्शन में शामिल होंगे और इस कार्यवाही की पूर्ण जिमेवारी ऊना पुलिस और प्रशासन की होगी।

बैठक में में बजरंग दल से संजीव चौहान बजरंगीं, सौरभ धीमान, विश्व हिन्दू परिषद अम्ब से मंत्री सुरेंद्र शर्मा, सुरेश सोनी, गौ रक्षक दल से अमित, नीतीश, गगन व राजपूत महासभा से विनोद डडवाल और अन्य लोगों में करनैल, विपिन, गगन, अभिषेक, डिंपल, अंकुश, अश्वनी, अजय, साहिल, अनिरुद्ध, बीना, शिवराज, ज्ञानचंद, मंगत राम, राज कुमार आदि अखिल भारतीय संत परिषद से आए यति सत्यदेवानंद सरस्वती की अध्यक्षता में शामिल हुए।

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