मध्यप्रदेश के दतिया जिले में रेत माफिया की नापाक हरकत का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि रेत माफिया ने कंपनी के कर्मचारियों के तंबू में उस वक्त आग लगा दी, जब वे सो रहे थे। तपिश की वजह से कर्मचारियों की आंख खुल गई और उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई। हालांकि, उनका सारा सामान जलकर खाक हो गया।

जानकारी के मुताबिक, यह घटना गोराघाट क्षेत्र में कोटरा गांव के बाहर लगे नाके की है। मुरैना निवासी कंपनी के कर्मचारी दिनेश सिंह सिकरवार ने बताया कि बड़ौनकलां से रेत निकालने के लिए कोटरा गांव के बाहर उनका नाका लगा है। इसी नाके पर तंबू लगाया गया था, जिसमें रात के वक्त कंपनी के कर्मचारी आराम करते हैं। 

दिनेश ने बताया कि रविवार शाम कोटरा सरपंच तहसीलदार सिंह के भतीजे और एक अन्य व्यक्ति ने सिंध नदी से अवैध तरीके से रेत भर ली थी। कर्मचारियों ने उन्हें नाके पर रोका तो सरपंच का भतीजा बहस करने लगा। उस दौरान उसने रॉयल्टी की रसीद कटवा ली, लेकिन कर्मचारियों को जलाकर मार डालने की धमकी भी दी। 

कर्मचारियों ने बताया कि रविवार (7 मार्च) रात को कंपनी के कर्मचारी मुरैना निवासी मोहित सिकरवार और अभिषेक जादौन कोटरा गांव के बाहर बने तंबू में सो रहे थे। सोमवार तड़के अचानक तंबू में आग लग गई। इस घटना में दोनों कर्मचारियों ने किसी तरह अपनी जान बचाई। हालांकि, उनका सारा सामान व रुपये जलकर खाक हो गए। कर्मचारियों ने शक जताया कि सरपंच के भतीजे ने ही इस घटना को अंजाम दिया है। मामले की जानकारी पुलिस को दे दी गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

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